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डाउनलोड करेंसागर. आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने सोमवार सुबह 5 बजे सहकारी समिति के प्रबंधक अशोक कुमार दुबे के घर और पैतृक गांव में एक साथ छापामार कार्रवाई की। दिनभर चली कार्रवाई के दौरान समिति प्रबंधक के पास से 30 लाख की ज्वेलरी, 30 बैंक पासबुक और 40 रजिस्ट्रियों समेत करीब ढाई करोड़ रुपए की काली कमाई का खुलासा हुआ है, जबकि 31 साल की नौकरी में सरकार से इन्हें कुल 15 लाख रुपए वेतन मिला है। मिले वेतन की तुलना में कई गुना ज्यादा है। इस आधार पर लोकायुक्त ने समिति प्रबंधक के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। दस्तावेजों की जांच देर शाम तक चलती रही। मंगलवार को इनके बैंक खातों में जमा राशि और जमीनों की कीमत आंकी जाएगी।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार अशोक कुमार दुबे 1987 में सहकारी बैंक में सहायक प्रबंधक के पद पर नियुक्त हुए थे। वर्तमान में वह राहतगढ़ तहसील स्थित बेरखेड़ी सहकारी समिति में प्रबंधक के पद पर पदस्थ हैं। लोकायुक्त पुलिस ने सोमवार सुबह 5 बजे इनके राजीव नगर स्थित आवास और गढ़ाकोटा स्थित पैतृक गांव बसाहरी में दबिश दी। पुलिस जब इनके घर पहुंची तब समिति प्रबंधक बेरखेड़ी में थे और घर पर उनकी पत्नी व बच्चे थे। कार्रवाई में
शामिल अफसरों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में काली कमाई से जमीन में काफी निवेश की जानकारी मिली है। इसके अलावा करोड़ों की बेनामी संपत्ति के दस्तावेज भी मिले। ऐसे में इतनी संपत्ति कहां से आई, इसकी जांच की जा रही है।
पैतृक गांव में 49 एकड़ जमीन, सागर में कई स्थानों पर प्लाट :लोकायुक्त पुलिस की एक टीम प्रबंधक के गढ़ाकोटा स्थित बसाहरी गांव पहुंची थी, जहां 49 एकड़ जमीन, डेढ़ लाख के गहने और पुस्तैनी मकान की जानकारी मिली है। वहीं सागर में मकरोनिया, मोतीनगर और तिली में प्राइम लोकेशंस पर प्लांट होने की जानकारी सामने आई है। प्रबंधक की अधिकांश संपत्ति उनकी पत्नी और बेटे और बेटी के नाम पर है।
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