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पहली नजर का प्यार कभी न भुलाया जाने वाला एहसास है, मनोवैज्ञानिकों ने माना कहावत नहीं हकीकत

मनोवैज्ञानिकों ने दावा किया है कि पहली नजर का प्यार एक मिनट, एक दिन से लेकर, जीवन भर तक के लिए उत्साहित कर सकता है।

Danik Bhaskar | Sep 08, 2018, 06:54 PM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. पहली नजर का प्यार सिर्फ कहावत नहीं बल्कि हकीकत है। मनोवैज्ञानिकों ने भी हाल ही हुए एक अध्ययन में इसकी पुष्टि की है। उनके मुताबिक, पहली नजर के प्यार को सच और कभी भुलाया जा सकने वाला एहसास पाया है। पहली नजर के प्यार का एहसास अपनी पसंदीदा मिठाई को मुंह में रखने से मिलने वाले आनंद से भी अधिक होता है और यह तेजी से असर भी करता है। रिसर्च न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में की गई है।

4 बड़ी बातें रिसर्च से जुड़ीं
1. इंसान भूल जाता है सब कुछ

न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के मनोवैज्ञानिकों ने दावा किया है कि पहली नजर का प्यार एक मिनट, एक दिन से लेकर, जीवन भर तक के लिए उत्साहित कर सकता है। शोध में दावा किया गया कि यह बस उस एक पल की बात होती है जिसमें देखने वाले को एहसास होता है कि उसे सुंदरता दिख गई है और वह उसमें खोकर अनंत सुख का अनुभव करना चाहता है। शोध में शामिल न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में मनोविज्ञान के प्रोफेसर डेनिस पेली कहते हैं कि जब इंसान को अपने पहले प्यार का पहला दीदार होता है तो वह सबकुछ भूल जाता है।

2. एक सेकंड का समय लगता है महसूस करने में
प्रोफेसर डेनिस कहते हैं कि इस पल व्यक्ति अपने मुंह में पड़ी उसकी पसंदीदा टॉफी के सुख को भुलाकर अपने प्यार की ओर ध्यान लगा लेता है। उसकी सुंदरता ही उसे परम आनंद देती है। न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के मनोवैज्ञानिकों ने एक शोध में पाया कि सुंदरता को महसूस करने में सिर्फ एक सेकंड का समय लगता है। हालांकि पहले के शोध में कहा जाता था कि इसे मापना संभव नहीं है। इसमें बताया गया था कि जब कुछ सुंदर दिखाई देता है तो इससे तीव्र आनंद का अनुभव होता है।

3. 2500 साल पुराने लेखों और शोध का विश्लेषण
डेनिश पेली ने बताया कि सुंदरता को देखने के बाद आप अपनी पंसदीदा वस्तु को भी भूल जाते हैं। पहली नजर के प्यार के विश्लेषण के लिए 2500 साल पुराने लेखों और शोध पत्रों का विश्लेषण किया गया। इसमें ग्रीस के दार्शनिक प्लेटो से लेकर 18वी सदी के जर्मन दार्शनिक अलेक्जेंडर बामगार्टन, 19वीं सदी के नाट्य लेखक ऑस्कर वाइल्ड और मनोवैज्ञानी गुस्तोव फेचनर समेत तंत्रिका विज्ञान के लेख और शोध पत्र शामिल हैं।

4. विशेष प्रकार की खुशी मिलती है
यह शोध करंट बॉयोलॉजी जर्नल में प्रकाशित हुआ है। इसमें बताया गया है कि सुंदरता को कैसे मापते हैं। साथ ही यह दिन प्रतिदिन के जीवन में हमारे कार्यों को कैसे प्रभावित करती है। डेनिश ने बताया कि लंबे समय से दार्शनिकों का देती है कि सुंदरता की भावना एक विशेष प्रकार की खुशी मिलती है। उन्होंने बताया कि शोध के विश्लेषण से पता चलता है कि सुंदरता की भावना से परम आनंद की अनुभूति होती है, लेकिन विशेष कुछ नहीं।