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सेंसेक्स सहित दुनिया के 7 शेयर बाजारों में लगा लोअर सर्किट, इसके बाद स्थिति सुधरी
बैंकिंग शेयर 11 फीसदी लुढ़कने के बाद 4.68% बढ़त के साथ बंद हुए
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों में भारी उतार चढ़ाव के बाद अंतत: बाजार में गिरावट का दौर थम गया। शुक्रवार को सेंसेक्स 1325.34 अंक (4.04%) और निफ्टी 365.05 अंक (3.81%) चढ़कर बंद हुए। वैश्विक परिस्थितियों और अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट के चलते सुबह भारतीय बाजार भारी गिरावट के साथ खुले। कुछ ही देर में सेंसेक्स और निफ्टी में 10 फीसदी से ज्यादा गिरावट के चलते बाजार में लोअर सर्किट लगानी पड़ी। लिहाजा ट्रेडिंग 45 मिनट के लिए रोक दी गई।
पिछले 24 घंटे में दुनिया के 7 शेयर बाजारों में लोअर सर्किट लग चुकी है। अमेरिकी बाजार डाउ जोंस, नैस्डैक, एसएंडपी 500, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, रूस और भारत के सेंसेक्स में लोअर सर्किट लग चुका है। हालांकि सेंसेक्स में दुबारा कारोबार शुरु होने पर इसने एक दिन की सबसे बड़ी रिकवरी की। सेंसेक्स के सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। बीएसई बैंकेक्स शुरुआती कारोबार मे ं11.19 फीसदी से ज्यादा गिरे लेकिन मजबूत रिकवरी करते हुए 4.68 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए।
सुधार के लिए सभी जरुरी कदम उठाएंगे
सरकार और आरबीआई कोरोनावायरस के चलते निवेशकों में पैदा हुए फीयर सेंटिमेंट (भय की भावना) को दूर करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी। देश में स्थिति अगले कुछ हफ्तों में स्थिर हो जाएगी।
-कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम, मुख्य आर्थिक सलाहकर
अमेरिकी बाजार 5.7% उछाल के साथ खुले
अमेरिकी शेयर बाजार रिकॉर्ड गिरावट के अगले दिन शुक्रवार को अच्छी बढ़त के साथ खुले। डाउ जोंस इंडेक्स 773.20 अंक (3.65%) उछाल के साथ 21,973.82 पर खुला। एसएंडपी 500 इंडेक्स 89.35 अंक (3.60%) की बढ़त के साथ 2,569.99 पर खुला। नेस्डैक में 408.59 अंक (5.67%) की उछाल रही। यह 7,610.39 पर खुला। वित्तीय उपायों की घोषणा के बाद बाजार चढ़े।
इस सप्ताह के चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 9.24 फीसदी यानी 3473.14 अंक गिरा
इस सप्ताह के चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स तीन दिन गिरावट रही। इस दौरान सेंसेक्स में कुल 3473.14 अंक यानी 9.24 फीसदी की गिरावट रही। कोरोनावायरस के चलते वैश्विक बाजारों के साथ साथ घरेलू बाजारों में भी गिरावट का दौर रहा। इस समयावधि में निवेशकों का 15.05 लाख करोड़ रुपए साफ हो गए। शुक्रवार को सेबी और सरकार आश्वासन और अमेरिकी शेयर बाजार में सुधार की उम्मीदों के दम पर सेंसेक्स बढ़त के साथ बंद हुआ। शुक्रवार को रुपए ने भी अच्छी वापसी की। यह डॉलर के मुकाबले 48 पैसे मजबूत हुआ। रिजर्व बैंक ने बाजार में 200 करोड़ डॉलर की स्वैपिंग की घोषणा की थी। एक डॉलर की कीमत 73.80 रुपए रही।
बाजार खुला
29,687
10% की गिरावट पर सर्किट ब्रेकर लगा
24 घंटे में 40% गिरी क्रिप्टोकरेंसी की वैल्यू
2008 के बाद पहली बार लोअर सर्किट
सेंसेक्स: अब तक पांच बार लोअर सर्किट लगा
शुक्रवार को सेंसेक्स में 5380 अंकों
का उतार-चढ़ाव रहा
रिजर्व बैंक के ऐलान के बाद रुपया 48 पैसे मजबूत हुआ, 1 डॉलर की कीमत 73.80 हुई
बाउंस बैक }शुक्रवार को सेंसेक्स 1325.34 अंक (4.04%) और निफ्टी 365.05 अंक (3.81%) चढ़कर बंद
10.53 जब तक बाजार 300 अंक ऊपर पहुंचा
लोअर सर्किट 45 मिनट तक रहा
जब बाजार 3600 अंक नीचे आ गया
प्री ट्रेडिंग टाइम
नई दिल्ली | गिरावट के रुख के कारण देश के बड़े उद्योगपतियों को भारी नुकसान हुआ। मुकेश अंबानी, अजीम प्रेमजी, उदय कोटक, लक्ष्मी मित्तल जैसे दिग्गजों को लाखों करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इनके बीच सुपरमार्ट चेन डी-मार्ट के फाउंडर राधाकिशन दमानी इकलौते ऐसे उद्योगपति रहे जिनकी कंपनी के स्टॉक ने ऐसे माहौल में भी पॉजिटिव रिटर्न दिया है।
राधाकिशन दमानीः गिरावट के दौर में भी बढ़ी संपत्ति**
21 दिसंबर 1990 }सेंसेक्स में 16.19% की गिरावट। बाजार 1034.96 पर पहुंच गया था।
28 अप्रैल 1992 } सेंसेक्स में 12.77% की गिरावट। बाजार 3896.90 पर बंद हुआ था।
17 मई 2004 }शेयर बाजार में 11.14% की गिरावट। बाजार 4505.16 पर बंद हुआ था।
24 अक्टूबर 2008 }सेंसेक्स में 10.96% की गिरावट। बाजार 8701.07 पर बंद हुआ था।
13 मार्च 2020 } सेंसेक्स 11% तक गिरा। लोअर सर्किट लगी।
कोरोनावायरस के कारण क्रिप्टो करंसी के मार्केट कैप में बीते 24 घंटों में 40 फीसदी की कमी आई है। कॉइनमार्केटडॉट कॉम के अनुसार इसकी टोटल मार्केट कैप 6.90 लाख करोड़ रुपए रह गई। वहीं सिंगापुर समय के अनुसार गुरुवार सुबह 10 बजे से शुक्रवार सुबह 10 बजे तक के बीच बिटक्वाइन की वैल्यू में भी 48% की कमी आई थी और 1 बिटक्वाइन की वैल्यू 4000 डॉलर हो गई थी। शाम तक कीमत वापस 5500 डॉलर प्रति कॉइन पर पहुंच गई।
भारतीय शेयर बाजार में 2008 की मंदी के बाद पहली बार लोअर सर्किट लगा। बाजार में अचानक आए बड़े उतार-चढ़ाव को थामने के लिए सर्किट लगाया जाता है। ये दो तरह के होते हैं। अपर सर्किट और लोअर सर्किट। अपर सर्किट तब लगाया जाता है, जब बाजार एक तय सीमा से ज्यादा बढ़ जाता है। जब उसी सीमा से ज्यादा घटता है तो लोअर सर्किट का इस्तेमाल किया जाता है। सर्किट के लिए 10%, 15% और 20% की लिमिट तय हैं।
34,103
32,155
33,290
31,681
29,687
32,288
09.00 9.15 9.23 10.05 10.30 11.00 15.30
35000
34000
33000
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30000
29000
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