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महाभारत में 1 नहीं बल्कि 2 श्रीकृष्ण थे, दोनों ही थे भगवान विष्णु के अ‌वतार

dainikbhaskar.com

May 31, 2018, 05:00 PM IST

महाभारत के पहले श्रीकृष्ण के बारे में तो सभी जानते हैं जिन्होंने हर कदम पर पांडवों का साथ दिया।

Mahabharata, the interesting fact of Mahabharata, Sri Krishna, Vedavas
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रिलिजन डेस्क। महाभारत में 1 नहीं बल्कि 2 श्रीकृष्ण थे और दोनों ही भगवान विष्णु के अवतार थे। सुनने में ये बात थोड़ी अजीब लगे, लेकिन है बिल्कुल सच। महाभारत के पहले श्रीकृष्ण के बारे में तो सभी जानते हैं जिन्होंने हर कदम पर पांडवों का साथ दिया और अर्जुन का सारथी बनकर कुरुक्षेत्र के युद्ध में उन्हें विजय दिलाई। लेकिन दूसरे श्रीकृष्ण के बारे में कम ही लोग जानते हैं। आज हम आपको उन्हीं के बारे में बता रहे हैं…

1. महर्षि वेदव्यास जिन्होंने महाभारत की रचना की, का मूल नाम श्रीकृष्ण द्वैपायन व्यास था। इनकी माता सत्यवती और पिता महर्षि पाराशर थे।
2. श्रीमद्भागवत में भगवान विष्णु के जिन 24 अवतारों का वर्णन है, उनमें महर्षि वेदव्यास का भी नाम है।
3. जन्म लेते ही महर्षि वेदव्यास युवा हो गए और तपस्या करने द्वैपायन द्वीप चले गए। तपस्या करने से वे काले हो गए। इसलिए उन्हें कृष्ण द्वैपायन कहा जाने लगा। वेदों का विभाग करने से वे वेदव्यास के नाम से प्रसिद्ध हुए।

4. महर्षि वेदव्यास की कृपा से ही धृतराष्ट्र, पांडु और विदुर का जन्म हुआ था।

5. धर्म ग्रंथों में जो अष्ट चिरंजीवी (8 अमर लोग) बताए गए हैं, महर्षि वेदव्यास भी उन्हीं में से एक हैं। इसलिए इन्हें आज भी जीवित माना जाता है।

6. महर्षि वेदव्यास ने जब कलयुग का बढ़ता प्रभाव देखा तो उन्होंने ही पांडवों को स्वर्ग की यात्रा करने के लिए कहा था।

7. महर्षि वेदव्यास ने ही संजय को दिव्य दृष्टि प्रदान की थी, जिससे संजय ने धृतराष्ट्र को पूरे युद्ध का वर्णन महल में ही सुनाया था।

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