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कॉमनवेल्थ में दंगल-2: पहली बार बेटी बबीता का मुकाबला देखने पहुंचे महावीर फोगाट को नहीं मिल पाया टिकट

गुरुवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में बबीता ने सिल्वर मेडल जीता।

Danik Bhaskar | Apr 12, 2018, 06:06 PM IST
बबीता फोगाट ने 53 किग्रा वर्ग में भारत को सिल्वर मेडल दिलाया है। बबीता फोगाट ने 53 किग्रा वर्ग में भारत को सिल्वर मेडल दिलाया है।

गोल्ड कोस्ट. पहली बार बेटी का कॉमनवेल्थ मुकाबला देखने गोल्ड कोस्ट पहुंचे कोच महावीर फोगाट को स्टेडियम में एंट्री का टिकट ही नहीं मिला। कॉमनवेल्थ गेम्स में 53 किग्रा वर्ग में सिल्वर जीतने वाली बबीता पिता के लिए एक दिन पहले से टिकट मांग रही थीं। लेकिन भारतीय दल से उन्हें कोई मदद नहीं मिली। नतीजा यह रहा कि महावीर फोगाट दिनभर टिकट के इंतजार में स्टेडियम के बाहर खड़े रहे। बबीता ने ऑस्ट्रेलियाई एथलीटों से मदद मांगी और उनके पिता को मुकाबले के बाद एंट्री मिल पाई।

पिता के मैच ना देख पाने पर बबीता ने जताया दुख

- गुरुवार को बबीता फोगाट का फाइनल मुकाबला गोल्ड कोस्ट के करारा स्पोर्ट्स और लीजर सेंटर में था।
- सिल्वर जीतने के बाद रुंधे गले से बबीता ने कहा, ‘‘मेरे पिता पहली बार मेरा बाउट देखने यहां आए थे। मुझे दुख है कि वे यहां दिनभर थे लेकिन टिकट नहीं मिल पाया। एक एथलीट दो टिकट पाने का हकदार होता था। लेकिन हमें ये दो टिकट भी नहीं दिए गए। मैंने बहुत कोशिश, लेकिन पिता को बाहर की बैठना पड़ा।’’
- बबीता ने कहा, ‘‘वे मेरा मुकाबला ना तो यहां देख पाए, ना टीवी पर देख पाए।’’

ऑस्ट्रेलियाई टीम ने बबीता की मदद की
- बबीता ने कहा, ‘‘मेरे पिता तभी अंदर आ पाए जब मैंने ऑस्ट्रेलियाई टीम से कुछ टिकटों के लिए मदद मांगी। इससे पहले मैंने इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन से लेकर मिशन प्रमुख तक सभी से मदद मांगी थी। मैं कल रात 10 बजे से टिकट मांग रही थी क्योंकि आज मेरा मुकाबला था। लेकिन फिर भी टिकट नहीं मिल पाए। जब ऐसा होता है तो बहुत बुरा लगता है।’’
- बता दें कि बबीता का मुकाबला गुरुवार को ऑस्ट्रेलियाई समयानुसार शाम 5 बजे और भारतीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे हुआ। फाइनल हो जाने के बाद महावीर फोगाट को एंट्री मिल पाई।

मिशन प्रमुख ने कहा- हमने टिकट कोच को दे दिए थे
- गोल्डकोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय दल के मिशन प्रमुख विक्रम सिसोदिया ने बबीता के आरोपों पर कहा, ‘‘हमें कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन से टिकट मिले थे जो हमने संबंधित खेलों के कोच तक पहुंचा दिए थे। हमने पांच टिकट रेसलिंग के मैच के लिए उनके कोच राजीव तोमर को दिए थे। हमें नहीं पता कि बबीता को टिकट क्यों नहीं मिला। हो सकता है कि वे ज्यादा टिकट मांग रही हों।’’

ऐसे ही मामले में साइना ने दी थी गेम्स छोड़ने की धमकी
- इससे पहले, साइना नेहवाल ने अपने पिता को एक्रीडिटेशन नहीं मिलने पर कॉमनवेल्थ गेम्स की टीम से हटने की धमकी दी थी। बाद में भारतीय ओलिंपिक संघ ने उनके पिता के लिए एक्रीडिटेशन करवाया।
- इस बारे में पूछने पर बबीता ने कहा- मेरे पिता को एक्रीडिटेशन मिलता या नहीं, मुझसे इससे फर्क नहीं पड़ता। मेरे लिए मसला सिर्फ टिकटों का था। टिकट होते तो वे पहली बार मुझे ऐसे बड़े टूर्नामेंट में खेलते देख पाते।

महावीर फोगाट ने भारतीय कुश्ती को गीता, बबीता और विनेश जैसी एथलीट दीं
- बता दें कि फोगाट की दो बेटियां गीता-बबीता और भतीजी विनेश ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। तीनों ही कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में कई पदक जीत चुकी हैं। गीता इस बार क्वालिफाई नहीं कर पाईं। विनेश का मुकाबला 14 अप्रैल को है।
- महावीर फोगाटा की दो छोटी बेटियां ऋतु और संगीता भी नेशनल लेवल की रेसलर हैं।
- फिल्म दंगल के क्लाइमैक्स सीन में भी यह दिखाया गया है कि महावीर फोगाट एक कमरे में बंद हो जाते हैं और बेटी का मुकाबला नहीं देख पाते।

टिकट्स ना मिल पाने की वजह से महावीर सिंह मैच के बाद स्टेडियम पहुंच पाए। टिकट्स ना मिल पाने की वजह से महावीर सिंह मैच के बाद स्टेडियम पहुंच पाए।