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डाउनलोड करेंरायपुर. सदर बाजार में कारोबारी विपुल चतवानी के घर से लाखों की डकैती करने वाली नौकरानी और उसका ममेरा भाई पकड़ा गया। उनके दो और साथी भी पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं। शुक्रवार की रात वारदात के बाद से ही पुलिस को चतवानी परिवार में एक दिन काम करने वाली नौकरानी पर शक था। उसी आधार पर तहकीकात शुरू की और नौकरानी पकड़ी गई। हीरे की अंगूठी सहित कुछ जेवरात लुटेरों के हाथ लगे थे।
पुलिस ने लूट के जेवर जब्त कर लिए हैं। पुलिस की जांच में पता चला है कि कारोबारी ने एक दिन काम करवाने के बाद उसे नौकरी पर नहीं रखा था। इससे वह बहुत नाराज थी। उसने उसी समय कारोबारी को नुकसान पहुंचाने की ठान ली। उसने कारोबारी के घर तीन साल तक काम करने वाले अपने भाई ममेरे भाई मधु तांडी से संपर्क किया। उसके साथ लूट की प्लानिंग की। फिर अपने परिचित राजिम के शारिक खान और शिव साहू को पूरी घटना की जानकारी दी। आरोपियों ने दो से तीन बार मकान की रेकी की। शनिवार आधी रात चारों एक एक्टिवा से बूढापारा पहुंचे। वहां मोपेड खड़ी की और पीछे के रास्ते से कारोबारी के घर पहुंचे। ताला तोड़कर भीतर गए और लूटपाट के बाद एक्टिवा से भाग निकले।
एडिशनल एसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि कारोबारी विपुल के घर एक महीना पहले नेहरु नगर की हीरा नेताम (18) काम करने गई थी। एक दिन काम करने के बाद कारोबारी को काम पसंद नहीं आया। इस वजह से उन्होंने उसे नौकरी पर नहीं रखा। उन्हें युवती की फीडबैक भी अच्छा नहीं मिला। उन्होंने युवती को काम पर आने से मना कर दिया। उसी कारोबारी के घर पर युवती का भाई अवंति विहार का मधु तांडी भी सफाई काम करता था। छह महीना पहले उसने काम छोड़ दिया। वह भी किसी कारण कारोबारी से नाराज था। दोनों ने मिलकर पूरी प्लानिंग की, क्योंकि चतवानी परिवार के बारे में वे बहुत बारीकी से जानते थे। घर में कौन सी चीज कहां है। इसकी भी जानकारी उन्हें थी। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने शारिक खान और शिव को 15 दिन पहले बुलाया और लूट की प्लानिंग की। उन्हें मकान दिखाया। उसके बाद चले गए। शुक्रवार को आरोपी आए। सभी नेहरु नगर में रुके हुए थे।
वहीं से रात में लूटपाट करने निकले थे।
फुटेज में दिखाई दिए चार लोग भागते हुए
पुलिस ने घटना के बाद इलाके में लगे कैमरे की जांच की। मकान के पीछे लगे कैमरे में एक एक्टिवा में चार लोग भागते हुए दिखे। फुटेज से पुख्ता हो गया था कि घटना में चार लोग शामिल हैं। कारोबारी ने भी लुटेरों में एक महिला के होने की बात कहीं थी। पुलिस ने शक में सबसे पहले नौकरानी को हिरासत में लिया। उसके घर की तलाशी ली, लेकिन कुछ नहीं मिला। दो दिनों के पूछताछ के बाद भी उसने मुंह नहीं खोला। पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर उसके भाई को हिरासत में लिया। तब उसने मुंह खोला। फिर बाकी आरोपियों को राजिम और बिलासपुर से गिरफ्तार किया गया।
कारोबारी ने नौकरानी को दी धमकी, तो छिपा दिए जेवर
कारोबारी को शुरू से शक था कि घटना में नौकरानी हीरा का हाथ है। उन्होंने नौकरानी को फोन कर दिया और कहा कि अगर वह जेवर वापस नहीं करेगी तो पुलिस लेकर उसके घर में घुस जाएंगे। इससे नौकरानी हड़बड़ा गई। उसने जेवर राजिम भिजवा दिया। बाकी आरोपी भी भाग निकले। उन्हें शक हो गया था कि पुलिस उन तक पहुंच जाएगी।
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