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डाउनलोड करेंपटना. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बिहार में महागठबंधन बड़ा आकार ले रहा है। कर्नाटक में वहां के क्षेत्रीय दल जेडीएस व कांग्रेस के साथ आने और भाजपा को मात देने में सफलता मिलने से राजद नेतृत्व उत्साहित है। कर्नाटक मसले पर ही बिहार में राजभवन मार्च में तेजस्वी के नेतृत्व में भाकपा माले के साथ आने के बाद बिहार में महागठबंधन को और मजबूती मिली है। कांग्रेस और हम (सेक्युलर) पहले से ही बिहार महागठबंधन में राजद नेतृत्व के साथ है। यही कारण है बिहार में भी विपक्ष ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए राजभवन मार्च किया।
कुमारस्वामी ने तेजस्वी को शपथ समारोह में किया आमंत्रित
जेडीएस के कुमारस्वामी बुधवार को कर्नाटक के सीएम पद की शपथ लेने वाले हैं। आगामी लोकसभा चुनाव की रणनीति के तहत कुमारस्वामी ने तेजस्वी को विशेष रूप से शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का आमंत्रण दिया है।
अब कुशवाहा वर्ग को साथ लेने की कवायद
बिहार में जातीय समीकरण के हिसाब से महागठबंधन में कुशवाहा वर्ग को जोड़ने की पहल हुई है। राजद, कांग्रेस, हम (से) व माले के साथ आने से जातीय समीकरण के तहत बड़ा वर्ग महागठबंधन से जुड़ाव महसूस कर रहा है। अब नई राजनीतिक परिस्थिति में इस ओर राजद नेतृत्व ने विशेष योजना पर काम शुरू कर दिया है। पार्टी के कुशवाहा नेता जल्द राज्य के दौरे पर निकलेंगे। साथ ही इस वर्ग के अन्य महत्वपूर्ण नेताओं को भी महागठबंधन का हिस्सा बनाने की कार्रवाई शुरू की जा रही है। राजद के बड़े नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है कि वे सामाजिक समीकरण के हिसाब से सभी को साथ लेने के लिए राजद की राजनीतिक पहल को तेजी से आगे बढ़ाएं। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद पिछले साल पार्टी के एक कार्यक्रम में पहले ही कुशवाहा वर्ग को अधिक से अधिक सीट देने की घोषणा कर चुके हैं।
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