मछली पालन, डेयरी, कृषि को रोजगार का साधन बनाएं युवा : डॉ. आरएस

News - बीएयू में मंगलवार को देश के पहले कृषि मंत्री और राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की 150वीं जयंती के अवसर पर 73वां कृषि...

Dec 04, 2019, 09:20 AM IST
बीएयू में मंगलवार को देश के पहले कृषि मंत्री और राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की 150वीं जयंती के अवसर पर 73वां कृषि शिक्षा दिवस मनाया गया। कृषि संकाय में आयोजित समारोह में बीएयू कुलपति डॉ. आरएस कुरील ने कहा कि युवाओं को कृषि और कृषि शिक्षा से जोड़ने के लिए तीन दिसंबर को कृषि शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है। कहा इस पेशा में वह क्षमता है कि जिसके द्वारा गरीबी उन्‍मूलन, बेरोजगारी को दूर कर राष्ट्र की खुशहाली को बढ़ाया जा सकता है। कृषि क्षेत्र में तेजी से बदलाव दिख रहा है। युवा कृषि की शिक्षा प्राप्त करके इसे रोजगार का माध्यम बना रहे हैं। विभिन्न फल, फूल व सब्जी की खेती, डेयरी, मछली पालन, मधुमक्खी पालन, सुकर पालन इत्यादि से जुड़े कई ऐसे व्यवसाय हैं, जो युवाओं के बीच काफी प्रचलित हो रहे हैं। कहा कि मेड-इन-इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया, कौशल-भारत आदि परियोजनाओं पर जोर देने के साथ ही कृषि शिक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत है।

कहा कि कृषि शिक्षा के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। छात्रों को रोजगार दिलाने में मदद के लिए चार वर्षीय स्नातक कृषि शिक्षा को प्रोफेशनल डिग्री का दर्जा, राष्ट्रीय प्रतिभा छात्रवृत्ति को 1000 रुपए से बढ़ाकर 2000 रुपए प्रतिमाह और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए 3000 रुपए प्रतिमाह की नई राष्ट्रीय प्रतिभा छात्रवृत्ति की शुरुआत की गई है। छात्रों के कौशल विकास हेतु ‘स्टूडेंट रेडी’ स्कीम के अंतर्गत छात्रों को किसानों से कृषि पद्धतियों को सीखने-समझने का अवसर मिल रहा है। देश में 75 कृषि विश्वविद्यालय हैं। डीन एग्रीकल्चर डॉ. एमएस यादव ने बताया कि पूरे देश में कृषि शिक्षा को बढ़ाने में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एक अहम भूमिका निभा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं के बीच कृषि शिक्षा को बढ़ावा देना, कृषि पाठ्यक्रम को आधुनिक और आसान बनाकर उसकी गुणवत्ता को सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर डॉ. जेडए हैदर, डॉ. अरुण प्रसाद, डॉ. जे उरांव, प्रो डीके रूसिया ने भी कृषि शिक्षा के महत्त्व पर प्रकाश डाला।

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