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डाउनलोड करेंपाकिस्तान की मलाला को भारत के कैलाश सत्यार्थी के साथ संयुक्त रूप से नोबेल शांति पुरस्कार दिया जाएगा.
मलाला ने कबायली इलाकों में ल़डकियों की शिक्षा की मुहिम चलाने के लिए चरमपंथियों की गोली का सामना किया था.
मलाला पढ़ाई पूरी करने के बाद पाकिस्तान की राजनीति में अपनी किस्मत आजमाना चाहती हैं.
वे कहती हैं कि यह पुरस्कार मेरा नहीं बल्कि पाकिस्तान और दुनिया भर के उन बच्चों के लिए है जो अपने हक़ के लिए आवाज़ उठाते हैं.
नोबेल पुरस्कार में मिलने वाली राशि से मलाला पाकिस्तान को गांवों में स्कूल बनाना चाहती हैं.
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