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कितनी योनियों में भटकने के बाद मिलता है मनुष्य जन्म, क्या जानते हैं आप?

मनुष्य जन्म के बारे में अलग-अलग ग्रंथों में रोचक बातें बताई गई हैं जैसे कितने जन्मों के बाद मनुष्य जन्म मिलता है।

Danik Bhaskar | Jul 12, 2018, 04:31 PM IST

रिलिजन डेस्क। धर्म ग्रंथों के अनुसार, भगवान ने 84 लाख योनियां यानी जीव-जंतु, पेड़-पौधे, पशु-पक्षी आदि बनाएं हैं। इन सभी में मनुष्य जन्म बहुत ही दुर्लभ है। इसलिए हमें इस जन्म का सदुपयोग करना चाहिए, तभी हमें दोबारा मनुष्य के रूप में जन्म मिल सकता है। मनुष्य जन्म के बारे में अलग-अलग ग्रंथों में रोचक बातें बताई गई हैं जैसे कितने जन्मों के बाद मनुष्य जन्म मिलता है। आज हम आपको यही बातें बता रहे हैं...

विवेक चूड़ामणि के अनुसार-

भगवान ने 84 लाख योनियां बनाई है, जिसमें से 30 लाख योनियां पेड़े-पौधे, 27 लाख योनियां कीड़े-मकोड़े, 14 लाख योनियां पक्षी, 9 लाख योनियां जलचर (पानी में रहने वाले जीव-जंतु) और 4 लाख योनियां पशुओं की पाई जाती है। इन सभी योनियों में भटकने के बाद अच्छे कर्मों के आधार पर ही जीव को मनुष्य योनि प्राप्त होती है।


आर्चाय चाणक्य के अनुसार-

पुनर्वित्तं पुनर्मित पुनर्भार्या पुनर्मही

एतत्सर्वं पुनर्लभ्यं न शरीरं पुन: पुन:।।

अर्थात- नष्ट हुआ धन फिर प्राप्त हो सकता है, रूठा या बिछड़ा हुआ मित्र फिर मिल सकता है या दूसरा मित्र मिल जाता है, जमीन-जायदाद आदि खोकर भी फिर से पाई जा सकती है, लेकिन मनुष्य का जीवन एक बार नष्ट हो जाने के बाद फिर से नहीं मिलता। इसलिए मनुष्य जीवन का उपयोग हमेशा दूसरों का परोपकार और अच्छे कर्म करने में ही लगाना चाहिए।



रामचरित मानस के अनुसार-

बड़े भाग मानुष तन पावा ।

सुर दुर्लभ सद् ग्रंथन गावा ।।


अर्थात- बड़े सौभाग्य की बात है कि यह मनुष्य शरीर मिला है। सभी ग्रंथों में यही कहा गया है कि यह मनुष्य देह देवताओं को भी दुर्लभ है।