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डाउनलोड करेंपटना. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने सोमवार को विधान परिषद सदस्य के रूप में शपथ लिया। विधान परिषद के कार्यकारी सभापति हारुण रशीद ने उन्हें अपने कमरे में शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी मौजूद थे। पांडेय के शपथ लेने के साथ ही 75 सदस्यीय विधान परिषद की सभी सीटें भर गईं। जदयू से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा रामेश्वर महतो व खालिद अनवर, भाजपा से उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, संजय पासवान, राजद से पूर्व सीएम राबड़ी देवी, रामचंद्र पूर्वे व सैयद खुर्शीद मोहम्मद मोहसिन, कांग्रेस से प्रेमचंद्र मिश्रा और हम सेक्युलर के संतोष सुमन 6 मई को ही शपथ ले चुके हैं। मंगल पांंडेय बेंगलुरु में होने के कारण शपथ नहीं ले सके थे। शपथ ग्रहण समारोह में सूरजनंदन कुशवाहा, संजय गांधी, नीरज कुमार, शिवप्रसन्न यादव, संजय प्रसाद, राजन कुमार सिंह भी उपस्थित थे।
भागवत पर टिप्पणी को मंगल पांडेय ने बताया बिन मौसम बरसात, कहा- लालू ने अल्पसंख्यकों को पद से दूर रखा
- तीन दिनों के प्रवास पर बिहार आ रहे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर की गई राजद-कांग्रेस की टिप्पणी को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बिना मौसम बरसात बताया। उन्होंने कहा कि आरएसएस प्रमुख के बिहार आने पर सबसे ज्यादा मिर्ची राजद को लगती है।
- आरएसएस प्रमुख तनाव फैलाने नहीं, बल्कि सद्भाव का संदेश देने आ रहे हैं। देश में जब भी कोई राष्ट्रीय आपदा आती है तो थोथली बयानबाजी करने वाले कहीं नहीं दिखते। चाहे बाढ़ हो या अन्य प्राकृतिक आपदा इसी सरसंघचालक के नेतृत्व में वॉलंटियर जनता के बीच जाकर निस्वार्थ भाव से सेवा करते हैं। उस समय न तो जाति देखी जाती है और न धर्म।
- मंगल पांडेय ने कहा कि घपले-घोटाले पर भरोसा करने वाले दल का अल्पसंख्यक प्रेम दिखावा है। जब-जब मौका आया लालू प्रसाद ने अल्पसंख्यकों को ठगा ही है। विधानसभा में नेता की बात आई तो अब्दुल बारी सिद्दीकी को दरकिनार कर पुत्र तेजस्वी यादव को बनाया।
- विधान परिषद में नेता की बात आई तो पत्नी राबड़ी देवी को बनाया। विधान परिषद में मुख्य सचेतक बनाने की बात आई तो सुबोध राय को बनाया। लालू ने अल्पसंख्यक समाज को हमेशा पद और प्रभाव से दूर रखा। वोट बैंक की खातिर गिरगिट की तरह रंग बदलने वाले महागठबंधन के नेता धर्मनिरपेक्षता की बात कर अपना उल्लू सीधा रखना चाहते हैं।
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