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प्ले स्टोर से हट चुका है पतंजलि का 'किंभो ऐप', लेकिन अब भी इसी नाम से ढेरों फर्जी ऐप्स हैं मौजूद

किंभो एक संस्कृत शब्द है, जिसे हालचाल पूछने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Jun 05, 2018, 01:30 PM IST

  • प्ले स्टोर से हट चुका है पतंजलि का 'किंभो ऐप', लेकिन अब भी इसी नाम से ढेरों फर्जी ऐप्स हैं मौजूद
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    गैजेट डेस्क। बाबा रामदेव की पतंजलि ने पिछले दिनों एक मैसेजिंग ऐप 'किंभो' लॉन्च किया था। कंपनी का दावा था कि ये पूरी तरह से स्वदेशी है और वाट्सऐप को टक्कर दे सकता है। कंपनी ने इसे 'अब इंडिया बोलेगा' की पंचलाइन के साथ लॉन्च किया था, हालांकि लॉन्चिंग के 24 घंटे के भीतर ही इस गूगल प्ले स्टोर से हटा लिया गया था। जिस पर पतंजलि के प्रवक्ता एस तिजारावाला ने दैनिक भास्कर को बताया था कि तकनीकी समस्याओं की वजह से इसे हटाया गया है और हम जल्द ही तैयारी के साथ ऐप को लॉन्च करेंगे। पतंजलि की ऑफिशियली ऐप तो प्ले स्टोर से हट चुकी है, लेकिन अब भी किंभो नाम से दर्जनों ऐप प्ले स्टोर पर मौजूद है।

    किमोभो नाम से ऐप, डिस्क्रिप्शन भी सेम

    - गूगल प्ले स्टोर पर जब हमने किंभो (Kimbho) लिखकर सर्च किया तो हमें ढेरों ऐप मिलीं। इनमें से एक थी- किमोभो- मैसेजिंग ऐप। इसका डिस्क्रिप्शन भी लगभग पतंजलि की किम्भो ऐप की तरह ही था।
    - हालांकि इसका नाम अलग था। इस ऐप को ली जोनकॉस्टो ने डेवलप किया है। इतना ही नहीं इस ऐप को 500 से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं।
    - इसके अलावा किंभो मैसेंजर: स्वदेशी ऐप नाम से भी एक फेक ऐप प्ले स्टोर पर अवेलेबल है। इसे छूमंत्रा ने डेवलप किया है। इस ऐप को भी 1000 से ज्यादा डाउनलोड किया जा चुका है।

    पूरी तरह सुरक्षित है किंभो ऐप : पतंजलि

    - पतंजलि ने बीएसएनएल के साथ सिम लॉन्च करने के बाद हाल ही में किंभो ऐप लॉन्च किया। कंपनी के प्रवक्ता एस तिजारावाला ने ट्वीट में कहा था, ये ऐप पूरी तरह से इन्क्रिप्टेड और सुरक्षित है, पतंजलि का स्वदेशी मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप को टक्कर देने की काबिलियत रखता है। ऐप किसी भी यूजर का डाटा एक्सेस नहीं करता है। न ही हमारे सर्वर में और न ही क्लाउड में किसी यूजर का डाटा सेव होगा।

    फ्रेंच हैकर ने बताया था- असुरक्षित

    - किंभो की लॉन्चिंग के बाद ही फ्रेंच हैकर एलियट एल्डरसन ने एक ट्वीट किया। एलियट वहीं हैकर हैं, जिन्होंने आधार कार्ड की सिक्युरिटी पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने ऐप को मजाक बताते हुए इसे डाउनलोड नहीं करने की सलाह दी है।
    - एलियट ने ट्वीट में लिखा, ''किंभो एंड्रॉयड ऐप की सिक्युरिटी में कई खामियां हैं। मैं इसके सभी यूजर्स के मैसेज को एक्सेस कर सकता हूं।''

    क्या है किंभो?

    - किंभो एक संस्कृत शब्द है, जिसे हालचाल पूछने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। प्ले स्टोर पर किंभो को मैसेजिंग, शेयरिंग और वॉइस कॉल कैटेगरी में रखा गया है। इसमें वॉट्सऐप की तरह वीडियो कॉलिंग, मैसेज, वीडियो, फोटो और ऑडियो शेयर करने की सुविधा दिए जाने का दावा किया गया है। साथ ही ऐप में लोकेशन शेयरिंग का भी फीचर है।

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