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डाउनलोड करेंबहरोड़(अलवर). पुलिस व प्रशासन ने बुधवार को 2 नाबालिग लड़कियों का विवाह रुकवाया तो उनके पिता को हार्ट अटैक आ गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इनमें बड़ी लड़की की उम्र शैक्षणिक रिकार्ड में 17 वर्ष 9 माह और छोटी की 16 वर्ष पाई गई। हालांकि कार्ड पर बड़ी बेटी का नाम ही लिखा गया था। कार्रवाई के समय घर में मंगल गीत गाए जा रहे थे। अचानक पुलिस व प्रशासन का लवाजमा देख वहां खलबली मच गई। अधिकारियों ने टैंट, हलवाई और डीजे आदि हटवा परिजनों को पाबंद किया। दोनों बहनों की शादी खेतड़ी निवासी सगे भाइयों से होनी थी। ये था पूरा मामला...
तहसीलदार हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया कि दो नाबालिगों के विवाह की सूचना पर नासरपुर गांव में रामवतार नायक के घर पहुंचे। यहां नाबालिग की शादी खेतड़ी के गांव हरड़िया निवासी विक्की पुत्री लालचंद नायक के साथ होने का कार्ड मिला। परिजनों एवं रिश्तेदारों से पूछताछ में पता चला कि एक नहीं दो लड़कियों के फेरे आखातीज की शाम को होने हैं। शैक्षणिक दस्तावेज और आधार कार्ड की जांच में पता चला कि बड़ी लड़की की उम्र 17 साल 9 माह और छोटी की 16 साल है। शादी योग्य उम्र नहीं होने से गांव नारेड़ा कलां निवासी हलवाई विनोद शर्मा पुत्र मुसद्दीलाल शर्मा, टैंट वाले नितिन शर्मा पुत्र पप्पूलाल शर्मा, पंडित हरिशंकर पुत्र रामवतार शर्मा तथा लड़की के ताऊ चन्द्रभान को शादी नहीं करने के लिए पाबंद किया। महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुधीर यादव, एबीईईओ रामानंद यादव, पटवारी नरेन्द्र कुमार तथा निंभोर चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर किशनलाल कार्रवाई में शामिल थे।
पिता की तबीयत हुई खराब : पुलिस व प्रशासन की टीम सुबह करीब 10 बजे रामवतार के घर पहुंची तो महिलाएं गीत गा रहीं थी। डीजे लगा था और हलवाई के यहां खाना बनाने का काम चल रहा था। शादी को लेकर घर में खुशी का माहौल बना हुआ था। अचानक पुलिस व प्रशासन का लवाजमा आया देख और बेटी की शादी रुकवाने आए होने की बात सुन रामवतार को सदमा लगा और वह गिर पड़ा। उसे सरकारी वाहनों से अस्पताल ले जाया गया। जहां से इलाज के लिए निजी अस्पताल और वहां से जयपुर रैफर कर दिया गया। ग्रामीणों एवं शादी में शामिल होने के लिए आए रिश्तेदारों की भीड़ लगी रही।
माता-पिता अनपढ़, स्कूल में कम लिखवा दी थी उम्र
नाबालिगों के बड़े भाई विष्णु ने बताया कि उनके माता व पिता दोनों ही अनपढ़ हैं। पिता रामवतार दिहाड़ी मजदूरी पर रंग-पेंट का काम करता है। वे चार भाई बहन हैं। पिता ने स्कूल में एडमिशन कराया तो चारों की उम्र किसी के कहने से एक साल कम करवा के लिखवा दी। जबकि बहनों का जन्म 1998 व 1999 का था।
दो लड़कियों की शादी हो रही थी। छोटी लड़की का नाम कार्ड में नहीं छपवाया गया था। - किशनलाल, निंभोर पुलिस चौकी प्रभारी
दो लड़कियों की शादी की सूचना मिली थी। कार्ड में एक ही नाम मिला। परिजनों ने भी एक ही लड़की की शादी करने की जानकारी दी।- लोकेश कुमारी मीणा, तहसीलदार बहरोड़
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