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लापुंग के चंपाडीह में शहीद बड़ाइक गोविंद सिंह का 40 वां शहादत दिवस मनाया गया

एक वर्ष पहले
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लापुंग में अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद केंद्रीय कमेटी की क्षेत्रीय शाखा कर्रा, लापुंग व बेड़ो के तत्वावधान में बुधवार को लापुंग प्रखंड के चंपाडीह में शहीद बड़ाईक गोविंद सिंह का 40 वां शहादत दिवस धूमधाम से मनाया गया। चंपाडीह के शहीद स्थल में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि छोटानागपुर नागवंशी शासक के वंशज डॉ लाल अजय नाथ शाहदेव ने कहा कि समाजसेवी शहीद के पवित्र उद्देश्य की कभी हत्या नहीं होता है। जिसकी नीति और नियत सही होता है, वह हमेशा जिंदा रहते है। उसका काम और कर्तव्य जिंदा रहता है। उसे कोई मिटा नहीं सकता है।उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के माटी के लाल बड़ाइक गोविंद सिंह ने जीवनपर्यात सामाजिक सेवा के प्रति समर्पित रहे। जहां सेवा करते हुए उन्होंने अपना बलिदान दे दिया। रौतिया समाज ने मुगल व मराठा हमलों से धरती को संरक्षित किया है। उन्होंने कहा राजनीति समाज को तोड़ता है और संस्कृति समाज को जोड़ता है। इसलिए अब यहां के युवाओं को विसंगतियों को दूर करने के लिए आगे आना होगा। भारत एजुकेशन ट्रस्ट के बिजेंद्र यादव ने कहा कि शिक्षा से ही शहीद गोविंद सिंह जी के सपनों को पूरा किया जा सकता है।युवा शहीदों की जीवनी से प्रेरणा लें।शहीदों को नमन करें और समाज व राज्य के हित में काम करें। सरकार बड़ाइक गोविन्द सिंह की स्मृति में शहादत स्थल पर स्मारक का निर्माण कराए। विशिष्ट अतिथि अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम शंकर सिंह ने कहा कि बाबू जी के सपनों को पूरा करना है। बड़ाइक गोविन्द सिंह के नाम पर 10 एकड़ जमीन सरकार को शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। इसके लिए सरकार के प्रतिनिधियों को पहल करने की जरूरत है। इसके पूर्व शहीद बड़ाइक गोविन्द सिंह स्मारक स्थल पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम का संचालन वीरेंद्र सिंह ने किया। अध्यक्षता महावीर सिंह ने की। मौके पर समाजसेवी महावीर सिंह,चक्रधारी सिंह,तिलक सिंह समेत कई लोगो ने शहादत दिवस समारोह को संबोधित किया। कार्यक्रम में लाल गिरिनाथ शाहदेव, राजमाता कृष्णा शाहदेव, गंगा देवी, मनोज सिंह, हरेंद्र सिंह, तेजनाथ सिंह, राज किशोर उरांव टाइगर, रमेश सिंह, 12 पड़हा राजा महादेव उरांव, मानु उरांव, भौआ मुंडा, पहान रेजन मुंडा मौजूद थे।

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