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आईसीसी को दिए जाएंगे दो सुझाव: तय वक्त में ओवर शुरू करने के लिए शॉट क्लॉक और गेंदबाजों के लिए हेड प्रोटेक्शन हो

Dainik Bhaskar

Aug 08, 2018, 07:12 PM IST

कुछ घटनाओं में गेंद फेंकने के बाद तेज ड्राइव के कारण गेंदबाज चोटिल हुए थे

MCC Panel suggest shot clock and bowler head protection for cricket

- एमसीसी के सुझाव पसंद आने पर इन्हें लागू करने का फैसला ले सकती है आईसीसी

खेल डेस्क. क्रिकेट में और तेजी लाने के लिए जल्द ही कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। दो ओवरों के बीच का समय तय करने के लिए 'शॉट क्लॉक' और गेंदबाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'हेड प्रोटेक्शन' का इस्तेमाल हो सकता है। लॉर्ड्स स्थित मैरिलबोर्न क्रिकेट क्लब (एमसीसी) कमेटी की बैठक में खेल में तेजी लाने और गेंदबाजों की सुरक्षा बढ़ाने पर चर्चा हुई। बैठक के बाद यह संकेत भी मिले कि क्रिकेट में 100 गेंद के फॉर्मेट पर भी मुहर लग सकती है। एमसीसी का काम खेल से जुड़े नियम बनाना और आईसीसी को सुझाव देना है।

बल्लेबाज के सीधे शॉट पर गेंदबाजों के घायल होने के बाद बढ़ी चिंताः गेंदबाजों के लिए 'हेड प्रोटेक्शन' की जरूरत इसलिए महसूस हुई, क्योंकि कुछ घटनाओं में गेंद फेंकने के बाद तेज स्ट्रेट ड्राइव के कारण गेंदबाज चोटिल हुए थे। पिछले साल ऐसी ही एक घटना में नॉटिंघमशायर के ल्यूक फ्लेचर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बैठक के बाद एमसीसी ने कहा, "गेंदबाजों के सिर की सुरक्षा के लिए प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार करने को लेकर चर्चा हुई। बल्लेबाजों और क्षेत्ररक्षकों के लिए पहले से मौजूद सुरक्षा तरीकों की समीक्षा करने की जरूरत महसूस की गई।" एमसीसी ने 'शॉट क्लाक' के बारे में अभी विस्तृत जानकारी नहीं दी है। सूत्रों के मुताबिक, बदलाव के तहत ओवर तय वक्त के भीतर ही शुरू करने का नियम बनाया जा सकता है।

डेड टाइम को खत्म करना मकसदः कमेटी ने कहा कि टेस्ट और टी-20 फॉर्मेट में लंबे समय से ओवर रेट बहुत कम है। एमसीसी के एक पदाधिकारी ने बताया, "हमने शॉट क्लॉक लाने पर चर्चा की। इसका उद्देश्य मैच के दौरान डेड टाइम (विकेट गिरने या ओवर पूरा होने के बाद दूसरा ओवर शुरू होने के बीच का समय) को खत्म करना है। हम चाहते हैं कि ओवर पूरा होने के बाद तुरंत ही गेंदबाज और क्षेत्ररक्षक अपनी-अपनी जगह पर पहुंच जाएं। एक बल्‍लेबाज के आउट होने के बाद दूसरा बल्लेबाज भी तय समय में मैदान पर पहुंचे।" माइक गेटिंग की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सौरव गांगुली, रोर्ड मॉर्श, ब्रेंडन मैकुलम, रिकी पोंटिंग और कुमार संगकारा भी मौजूद थे।

स्लो ओवर रेट से निपटने का पेनल्टी रन भी एक विकल्पः बैठक में स्लो ओवर रेट की समस्या के हल के लिए पेनल्टी रन का भी सुझाव दिया गया। पदाधिकारी ने बताया कि स्लो ओवर रेट में दंड के तौर पर खिलाड़ियों पर जुर्माना लगाने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। वे ऐसी गलती दोहराते हैं, इसलिए पेनल्टी रन लगाया जाए। इसका उनके ऊपर फर्क पड़ेगा। इससे टीम का कप्तान खिलाड़ियों को लेकर ज्यादा सजग रहेगा और गेंदबाजों से जल्दी से जल्दी से ओवर पूरा करने को कहेगा। हाल ही में इंग्लैंड और भारत के बीच जिस तरह टेस्ट खेला गया, वैसे में पेनल्टी के रूप में 20 रन तक दिए जा सकते थे। इस साल कैरिबियन प्रीमियर लीग में पेनल्टी रन का प्रावधान किया गया। इसके मुताबिक, अगर कोई टीम तय समय के भीतर निर्धारित ओवर नहीं कर पाती है तो पेनल्टी के रूप में उसके नेट रन रेट से 0.05 अंक घटाए जाएंगे।

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