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फूलों का ये उपाय जगा सकता है आपका सोया भाग्य, बस करना होगा इतना सा काम

धार्मिक अनुष्ठान, पूजन, आरती आदि कार्य बिना फूल के अधूरे ही माने जाते हैं।

Danik Bhaskar | Apr 19, 2018, 07:24 PM IST

रिलिजन डेस्क. हिंदू धर्म में विभिन्न धार्मिक कर्म-कांडों में फूलों का विशेष महत्व है। धार्मिक अनुष्ठान, पूजन, आरती आदि कार्य बिना फूल के अधूरे ही माने जाते हैं। फूलों के संबंध में शारदा तिलक में कहा गया है-

अर्थात देवता का मस्तक सदैव पुष्प से सुशोभित रहना चाहिए।

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार, वैसे तो किसी भी भगवान को कोई भी फूल चढ़ाया जा सकता है, लेकिन कुछ फूल देवताओं को विशेष प्रिय होते हैं। मान्यता है कि देवताओं को उनकी पसंद के फूल चढ़ाने से वे अति प्रसन्न होते हैं और साधक की हर मनोकामना पूरी कर देते हैं। इन फूलों को देवताओं को अर्पित कर कोई भी इंसान अपनी किस्मत बदल सकता है। कौन से भगवान की पूजा किस फूल से करें, जानिए-

देवी लक्ष्मी
इनका सबसे अधिक प्रिय फूल कमल है। कमल का फूल चढ़ाने से ये बहुत प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों की हर कामना पूरी कर सकती हैं।


भगवान श्रीगणेश
आचार भूषण ग्रंथ के अनुसार, भगवान श्रीगणेश को तुलसीदल को छोड़कर सभी प्रकार के फूल चढ़ाए जा सकते हैं। इससे भगवान श्रीगणेश अपने भक्तों पर प्रसन्न होकर उनकी हर मनोकामना पूरी कर देते हैं।

भगवान शिव
भगवान शंकर को धतूरे के पुष्प, हरसिंगार, व नागकेसर के सफेद पुष्प, सूखे कमल गट्टे, कनेर, कुसुम, आक, कुश आदि के फूल चढ़ाने का विधान है।

भगवान विष्णु
इन्हें कमल, मौलसिरी, जूही, कदम्ब, केवड़ा, चमेली, अशोक, मालती, वासंती, चंपा, वैजयंती के फूल विशेष प्रिय हैं।


सूर्य नारायण
इनकी उपासना कुटज के फूलों से की जाती है। इसके अलावा कनेर, कमल, चंपा, पलाश, आक, अशोक आदि के फूल भी प्रिय हैं।

भगवान श्रीकृष्ण

श्रीकृष्ण को कुमुद, करवरी, चणक, मालती, नंदिक, पलाश व वनमाला के फूल प्रिय हैं।

भगवती गौरी
शंकर भगवान को चढऩे वाले फूल मां भगवती को भी प्रिय हैं। इसके अलावा बेला, सफेद कमल, पलाश, चंपा के फूल भी चढ़ाए जा सकते हैं।