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मंगलवार को शुभ योग में 8 दीपक जलाकर करें शिवजी की पूजा और लगाएं जौ के सत्तू का भोग, हर मनोकामना हो सकती है पूरी

भगवान शिव की 1 मंत्र का जाप करने से हर ग्रह से संबंधित दोष दूर हो सकता है।

Danik Bhaskar | Jul 09, 2018, 05:46 PM IST
भगवान शिव की 1 मंत्र का जाप करने भगवान शिव की 1 मंत्र का जाप करने

रिलिजन डेस्क. 10 जुलाई को आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। इस दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत किया जाता है। इस बार ये व्रत मंगलवार को होने से मंगल प्रदोष का शुभ योग बन रहा है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, इस दिन भगवान शिव की पूजा से हर मनोकामना पूरी हो सकती है। आज इस विधि से करें शिवजी की पूजा…
व्रत और पूजा की विधि
- प्रदोष व्रत में बिना जल पिए व्रत रखना होता है। सुबह स्नान करके भगवान शिव- पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराकर बिल्व पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं। - शाम के समय पुन: स्नान करके इसी तरह शिवजी की पूजा करें। भगवान शिव को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं। शिवजी की आरती करें।

- शिव स्त्रोत, मंत्र जाप करें। रात्रि में जागरण करें। इस तरह व्रत व पूजा करने से व्रती (व्रत करने वाला) की हर इच्छा पूरी हो सकती है।सभी दोषों से बचाता है ये महामृत्युंजय मंत्र
मंगल प्रदोष के दिन यदि महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जाए तो सभी ग्रहों के दोषों का निवारण हो सकता है...
महामृत्युंजय मंत्र
ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम
उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात
ऐसे करें इस मंत्र का जप
- मंगल प्रदोष के दिन सुबह जल्दी उठकर साफ वस्त्र पहनकर सबसे पहले भगवान शिव की पूजा करें।
- इसके बाद आसन पर बैठकर रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का जाप करें। कम से कम 5 माला जाप अवश्य करें। ये उपाय हर सोमवार और प्रदोष तिथि पर करने से सभी ग्रहों के दोष दूर हो सकते हैं