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शनिवार को चतुर्थी तिथि पर करें भगवान श्रीगणेश की पूजा और अभिषेक

Dainik Bhaskar

Jun 01, 2018, 05:00 PM IST

अधिक मास की चतुर्थी तिथि होने से इसका महत्व और भी बढ़ गया है।

Measures of Shri Ganesh, measures of Chaturthi, measures of astrology, worship of Lord Ganesha
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रिलिजन डेस्क। प्रत्येक महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान श्रीगणेश के लिए व्रत किया जाता है। इसे गणेश चतुर्थी व्रत कहते हैं। इस बार ये व्रत 2 जून, शनिवार को है। अधिक मास की चतुर्थी तिथि होने से इसका महत्व और भी बढ़ गया है। गणेश चतुर्थी का व्रत इस विधि से करें-

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व्रत व पूजन विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि काम जल्दी ही निपटा लें। दोपहर के समय अपनी इच्छा के अनुसार सोने, चांदी, तांबे, पीतल या मिट्टी से बनी भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा स्थापित करें। गणेश चतुर्थी व्रत का संकल्प लें। संकल्प मंत्र के बाद श्रीगणेश की षोड़शोपचार (16 सामग्रियों से) पूजन-आरती करें। गणेशजी की मूर्ति पर सिंदूर चढ़ाएं। गणेश मंत्र (ऊं गं गणपतयै नम:) बोलते हुए 21 दूर्वा दल चढ़ाएं।
भगवान श्रीगणेश को गुड़ या बूंदी के 21 लड्डुओं का भोग लगाएं। इनमें से 5 लड्डू मूर्ति के पास रख दें तथा 5 ब्राह्मण को दान कर दें शेष लड्डू प्रसाद के रूप में बांट दें। ब्राह्मणों को भोजन कराएं और उन्हें दक्षिणा प्रदान करने के बाद शाम के समय स्वयं भोजन करें। संभव हो तो उपवास करें। इस व्रत का आस्था और श्रद्धा से पालन करने पर भगवान श्रीगणेश की कृपा से मनोरथ पूरे होते हैं और जीवन में निरंतर सफलता प्राप्त होती है।


ये उपाय करें...
चतुर्थी तिथि पर भगवान श्रीगणेश का अभिषेक स्वच्छ पानी से करें। साथ ही गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ भी करें। इससे आपकी हर इच्छा पूरी हो सकती है।

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