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डाउनलोड करें- द डॉन समाचार पत्र ने 12 मई को शरीफ का इंटरव्यू प्रकाशित किया था। 15 मई से इसके पहुंच पर रोक लगानी शुरू की गई
- मुबंई हमलों में करीब 166 लोगों मारे गए थे, जबकि 300 लोग घायल हो गए थे।
वॉशिंगटन. पाकिस्तान सरकार ने देश के कई हिस्सों में सबसे पुराने समाचार पत्र डॉन की पहुंच पर रोक लगा दी है। मीडिया वॉचडॉग के मुताबिक, यह कदम पाक के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के 2008 में हुए मुंबई हमलों पर दिए बयान को प्रकाशित करने के बाद उठाया गया है। बता दें कि द डॉन को दिए इंटरव्यू में शरीफ ने कहा था कि मुंबई हमले के पीछे पाकिस्तान के आतंकियों का हाथ था।
डॉन में प्रकाशित इंटरव्यू से नाराज पाक आर्मी
- द डॉन समाचार पत्र ने 12 मई को शरीफ का इंटरव्यू प्रकाशित किया था। इसमें मुंबई हमलों पर दिए बयान से पाक आर्मी नाराज हो गई। इसके बाद 15 मई से देश के कई हिस्सों में वितरण रुकने लगा।
- एक संस्था रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर (आरएसएफ) ने इस रोक की निंदा की। उन्होंने इस रोक को मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया।
- आरएसएफ के मुताबिक, बलूचिस्तान प्रांत, सिंध के कई शहरों और आर्मी छावनियों में वितरण सबसे ज्यादा प्रभावित किया गया।
शरीफ के बयान का हुआ विरोध
- शरीफ के इस बयान ने पूरे पाक में नए विवाद को जन्म दे दिया। पाक नेशनल सिक्युरिटी कमेटी ने शरीफ के बयान के बाद एक हाईलेवल मीटिंग बुलाई थी। जिसमें इस बयान की निंदा की गई।
- पाक की प्रेस काउंसिल (पीसीपी) ने डॉन अखबार के संपादक को अधिसूचना जारी की थी। इसमें उन्होंने लिखा था कि समाचार पत्र ने इस तरह की साम्रगी प्रकाशित करके नैतिक संहिता का उल्लंघन किया। यह पाक और उसके नागरिकों की अवमानना कर सकता है। यह साम्रगी एक स्वतंत्र देश के रूप में उसकी संप्रभुता या अखंडता को कमजोर कर सकती है।
स्वतंत्र मीडिया के प्रसार पर हस्तक्षेप खत्म हो- आरएसएफ
- आरएसएफ के मुताबिक, इस तरह के अनुचित तरीके से जिस तरह पाक आर्मी देश के सबसे स्वतंत्र समाचार पत्र के वितरण को अवरुद्ध कर रही है। उससे यह स्पष्ट होता है कि वह खबरों पर नियंत्रण रखना चाहती है। आर्मी के अफसर नहीं चाहते कि आम चुनाव से पहले के महीनों में इस तरह से लोकतांत्रिक बहसें हों।
- आरएसएफ ने बताया कि उन्होंने उच्च अफसरों से स्वतंत्र मीडिया के प्रसार में हस्तक्षेप रोकने और पूरे पाकिस्तान में डॉन के वितरण को बहाल करने के लिए कहा है।
मुंबई हमले के पीछे पाक आतंकियों का हाथ- शरीफ
- शरीफ ने इंटरव्यू में कहा था, "मुंबई हमले के पीछे पाकिस्तान के आतंकियों का हाथ था। पाकिस्तान में अभी भी आतंकी संगठन सक्रिय हैं। क्या हम उन्हें सीमा पार कर मुंबई में घुसकर 150 लोगों को मारने का आदेश दे सकते हैं? क्या कोई मुझे इस बात का जवाब देगा? हम तो केस भी पूरा नहीं चलने देते।"
- बता दें कि हाल ही में पाक ने 26/11 के मुंबई हमले की पैरवी कर रहे मुख्य वकील चौधरी अजहर को हटा दिया गया था।
- नवाज ने ये भी कहा, "अगर आप कोई देश चला रहे हैं तो उसी के साथ में दो या तीन समानांतर सरकारें नहीं चला सकते। इसे बंद करना होगा। आप संवैधानिक रूप से केवल एक ही सरकार चला सकते हैं।"
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