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World Blood Donor Day : अपने ब्लड से 24 लाख बच्चों की जिंदगी बचाने वाले जेम्स 81 की उम्र में रिटायर, 54 साल में 1176 बार ब्लड डोनेट

ऑस्ट्रेलिया के रहने वाले जेम्स की ब्लड डोनेशन से जान बची थी, तभी से रक्तदान का संकल्प लिया था।

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2018, 01:34 PM IST
तस्वीर जेम्स के आखिरी ब्लड डोनेशन की। वे 1964 से हर हफ्ते 800 एमएल ब्लड डोनेट कर रहे थे। तस्वीर जेम्स के आखिरी ब्लड डोनेशन की। वे 1964 से हर हफ्ते 800 एमएल ब्लड डोनेट कर रहे थे।

लाइफस्टाइल डेस्क. आस्ट्रेलिया के 81 साल के जेम्स हैरिसन असाधारण शख्स हैं। उनके ब्लड से 54 साल में करीब 24 लाख बच्चों की जिंदगी बचाई गई है। इसलिए इन्हें 'ए मैन विद गोल्डन ऑर्म' भी कहा जाता है। उन्होंने हाल ही 1176वीं बार ब्लड डोनेट किया। इसी के साथ उन्हें रिटायरमेंट दे दिया गया। क्योंकि इस उम्र में खून बनने की रफ्तार काफी कम हो गई थी। इस पर उन्होंने कहा कि यह बुरा दिन है। मैं आगे भी ब्लड डोनेशन जारी रखना चाहता हूं।

4 प्वाइंट्स जेम्स से जुड़ी खास बातें

  1. जेम्स के ब्लड में रोगों से लड़ने वाली दुर्लभ एंटीबॉडी हैं। इसका इस्तेमाल एंटी-डी इंजेक्शन बनाने के लिए किया जाता है, जो रीसस डी हीमोलिटिक डिजीज (एचडीएन) बीमारी से लड़ने में मदद करता है।
  2. रीसस डी हीमोलिटिक डिजीज में गर्भवती का ब्लड गर्भ में पल रहे शिशु की रक्त कोशिका पर हमला करता है, इससे बच्चे को ब्रैम डैमेज, एनीमिया जैसी घातक बीमारी का खतरा पैदा हो जाता है और महिला के गर्भपात की आशंका बढ़ जाती है।
  3. ऑस्ट्रेलिया में 1960 के दशक में एंटी डी की खोज से पहले एचडीएन से सालाना हजारों बच्चे मारे जाते थे। जेम्स कहते हैं कि 14 साल की उम्र में ब्लड डोनेशन से उनकी जान बची। तभी से ब्लड डोनेशन शुरू किया।
  4. जेम्स के मुताबिक, डॉक्टरों ने पाया कि मेरे ब्लड में दुर्लभ एंटीबॉडी है, जिससे एंटी-डी इजेक्शन बन सकते हैं। रेड क्रॉस ब्लड सर्विस के मुताबिक जेम्स के ब्लड से बने एंटी-डी ने 24 लाख बच्चों की जिंदगी बचाई है।
जेम्स के ब्लड में रोगों से लड़ने वाली दुर्लभ एंटीबॉडी हैं। इसका इस्तेमाल एंटी-डी इंजेक्शन बनाने के लिए किया जाता है। जेम्स के ब्लड में रोगों से लड़ने वाली दुर्लभ एंटीबॉडी हैं। इसका इस्तेमाल एंटी-डी इंजेक्शन बनाने के लिए किया जाता है।
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तस्वीर जेम्स के आखिरी ब्लड डोनेशन की। वे 1964 से हर हफ्ते 800 एमएल ब्लड डोनेट कर रहे थे।तस्वीर जेम्स के आखिरी ब्लड डोनेशन की। वे 1964 से हर हफ्ते 800 एमएल ब्लड डोनेट कर रहे थे।
जेम्स के ब्लड में रोगों से लड़ने वाली दुर्लभ एंटीबॉडी हैं। इसका इस्तेमाल एंटी-डी इंजेक्शन बनाने के लिए किया जाता है।जेम्स के ब्लड में रोगों से लड़ने वाली दुर्लभ एंटीबॉडी हैं। इसका इस्तेमाल एंटी-डी इंजेक्शन बनाने के लिए किया जाता है।
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