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डाउनलोड करेंइंदौर। आयकर विभाग ने टैक्स चोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए ब्याज (हुंडी) कारोबारी के घर दबिश दी। टीम ने उसके घर, ऑफिस सहित उसके 9 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इंदौर और भोपाल आयकर विभाग की संयुक्त कारवाई में कारोबारी के यहां से बडी़ मात्रा में टैक्स चोरी से संबंधित दस्तावेज मिलने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार हुंडी कारोबारी का संबंध भोपाल के असनानी बिल्डर्स से है।
9 ठिकानों पर एक साथ दबिश
- लोकायुक्त टीम के अनुसार सूचना मिली थी कि इंदौर के प्रभु नगर निवासी हुंडी कारोबारी शरद दरक का ब्याज से रुपयों के लेन-देन का धंधा है। उन्होंने इस धंधे से काफी रुपए कमाए हैं, लेकिन टैक्स नहीं भरा है। सूचना के बाद उन पर लंबे समय तक नजर रखी गई। जानकारी पुख्ता होने पर बुधवार सुबह इंदौर और भोपाल की टीम ने संयुक्त रूप से उनके घर, दफ्तर सहित 9 ठिकानों पर दबिश दी।
डायरी में लिखे मिले कई नेता अफसरों के नाम
- सूत्रों के अनुसार दबिश के दौरान कर चोरी के कई दस्तावेज टीम के हाथ लगे हैं। टीम को एक डायरी भी मिली है, जिसमें कई अफसरा और नेताओं सहित रसूखदारों के नाम लिखे हैं। टीम इस संबंध में भी जानकारी निकाल रही है।
कार्रवाई के दौरान किसी को भी आने-जाने की परमिशन नहीं
- टीम कारोबारी के यहां सुबह से जांच कर रही है। जांच के दौरान टीम ने परिजनों को घर से बाहर जाने पर रोक लगा दी है। इसके अलावा टीम दस्तावेज खंगाल रही है। बताया जा रहा है कि नोटबंदी के दौरान भी दरक ने करोड़ों रुपए का लेनदेन किया था, जिसकी जांच की जा रही है।
असनानी बिल्डर्स से जुड़े हैं तार
इंदौर के हुंडी कारोबारी शरद दरक भोपाल के असनानी बिल्डर्स के साथ मिलकर काम करता था। आयकर विभाग को सूचना मिली थी की असनानी बिल्डर्स को मप्र के साथ ही देश के कुछ शहरों के बड़े हवाला कारोबारी पैसा उपलब्ध करा रहे हैं। आयकर सूत्राें का कहना है कि इंदौर के शरद दरक सहित बिलासपुर, कोलकाता अैर बैंगलुरु के कुछ हवाला कारोबारियों पर बुधवार को आयकर विभाग की कार्रवाई की जा रही है।
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