पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंनोएडा. पुलिस ने एक ऐसे शातिर वाहन चोर को पकड़ा है जो सिर्फ नई व महंगी कारों को चुराता था। यह चोर पहले लूटपाट करता था, जब तिहाड़ जेल में महज 2 मिनट में नई कार चुराने का आइडिया मिला तब सिर्फ कार चोरी में उतर गया। 5 साल में अनपढ़ चोर गाड़ियां चुराकर करोड़पति बन गया। अब गैंग में 20 से ज्यादा लोग हैं। आरोपी गाड़ियों की डिटेल मणिपुर में बैठे साथी को देता था। मणिपुर में साथी चेसिस नंबर के आधार पर फर्जी कागजात तैयार कराकर उसे फ्लाइट से दिल्ली-नोएडा ले आता है। इसके बाद सड़क मार्ग से मणिपुर ले जाते है।
पहले लूटपाट करता था, टिप्स लेने के बाद कारें चुराने लगा
- एएसपी अमित कुमार ने बताया कि पकड़ा गया वाहन चोर अरकान है। वह पढ़ा-लिखा नहीं है। वह संभल (मुरादाबाद के पास..) का रहने वाला है। इससे 1 स्विफ्ट कार बरामद हुई है। रेकी करने में प्रयोग की जाने वाली 4 बाइक बरामद हुई।
- 2012 से पहले तक अरकान संभल व गाजियाबाद में लूटपाट करता था। उसने संभल में 20 लाख की डकैती को अंजाम दिया था।
- 2012 में वह एक मामले में तिहाड़ जेल में बंद हुआ था। तभी उसकी मुलाकात अरमान से हुई। अरमान ने कार को 2 मिनट में चुराने का टिप्स दिया था। जेल से छूटने के बाद अरकान वाहन चोरी में शामिल हो गया।
- इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्रामिंग वाले उपकरण की मदद से 2 मिनट में कार को अनलॉक कर उसे चुरा लेते हैं और फिर उसे मॉल या सोसायटी की पार्किंग में खड़ी कर देते हैं।
साथी का मोबाइल 1 घंटे बंद रहे तो सब फोन बंद कर देते थे
- पुलिस ने बताया कि इस गैंग का दिल्ली-एनसीआर में नेटवर्क चलाने वाले अरकान को पकड़ लिया गया लेकिन इसके साथी भाग निकले। दरअसल, सेक्टर-39 एरिया में पुलिस ने जब इसका पीछा किया तो भागते समय अरकान का मोबाइल फोन नाले में गिर गया।
- इसके बाद पुलिस ने पकड़कर उससे पूछताछ के बाद साथियों तक ले जाने के लिए बोला तब तक एक घंटे बीत चुका था। ऐसे में उसके साथी अपना फोन बंद करके भाग निकले थे।
- इस बारे में अरकान ने बताया कि उसने गैंग को पहले ही समझाया था कि जब किसी साथी का फोन एक घंटे तक बंद रहे तो सभी लोग अपने मोबाइल बंद करके छिप जाएंगे।
स्विफ्ट 1.5 से 2 लाख तो क्रेटा 3-4 लाख में बेचते थे
- यह गैंग नई स्विफ्ट को 2 लाख रुपए तक और क्रेटा को 4 लाख रुपए तक में सेकेंड हैंड बताकर पूरे कागजात के साथ बेचता है।
- नॉर्थ ईस्ट में ऐसी गाड़ियों की काफी डिमांड है। इसलिए इनका गैंग अॉन डिमांड भी गाड़ियां चुराकर उन्हें सप्लाई करता था।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.