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जयपुर में मोदी ने कहा- कुछ लोगों को मेरा और वसुंधरा का नाम सुनते ही बुखार चढ़ जाता है

4 वर्ष पहले
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जयपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को जयपुर आए। अमरूदों का बाग में प्रधानमंत्री-लाभार्थी जनसंवाद कार्यक्रम में सवा दो लाख लाभार्थियों को संबोधित करते हुए भाजपा का लाभ भी तलाशा। 32 मिनट के भाषण में दो टारगेट रहे। पहला-कांग्रेस, दूसरा-छह माह बाद प्रदेश में होने वाले विधानसभा और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव। कांग्रेस पर निशाना साधकर और प्रदेश व केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाकर चुनावी शंखनाद भी कर गए। कांग्रेस के लिए बोले-इस पार्टी के कई पूर्व मंत्री और दिग्गज नेता बेल (जमानत) पर हैं। कुछ लोग इस पार्टी को अब बेल-गाड़ी कहने लगे हैं। उन्होंने कहा-एक वर्ग ऐसा है जिसे मेरा और वसुंधरा का नाम सुनते ही बुखार चढ़ जाता है।

 

कहा- हमने बहुत कुछ किया है, बहुत कुछ करेंगे... आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए कहा- हमने बहुत कुछ किया है, बहुत कुछ करेंगे। न्यू इंडिया का निर्माण न्यू राजस्थान से ही होगा। हमारा एक ही मकसद है...विकास-विकास और विकास। मोदी ने 2100 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास करने के साथ इन योजनाओं से जुड़े प्रदेश के 19 शहरों में से एक-एक का नाम लेकर मैसेज देने की कोशिश की कि वे राजस्थान से पूरी तरह वाकिफ हैं। मोदी सवा बजे सभास्थल पर पहुंचे। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने करीब 40 मिनट तक मोदी को 12 योजनाओं के लाभार्थियों के अनुभव का एक स्क्रीन प्रजेंटेशन दिया। इसके बाद प्रदेश भर से आए किसान प्रतिनिधियों से भी उन्हें मिलवाया। मुख्यमंत्री ने कहा-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र निर्माता की तरह काम कर रहे हैं। केंद्र-राज्य की इन योजनाओं से प्रदेशवासियों का जीवनस्तर सुधरा है। प्रदेश का हैप्पीनेस इंडेक्स भी बढ़ेगा।

 

हमला : कांग्रेस की रीति-नीतियों पर

मोदी ने कहा कि आप लोगों ने कांग्रेस की संस्कृति को जिस तरह से नकारा है और भाजपा को सहयोग दिया है, उससे आगामी समय में देश को और फायदा होगा। पिछली कांग्रेस सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय योजनाओं के नाम पर सिर्फ पत्थर जड़ाए गए। काम कैसे होता है, यह आपने वसुंधरा की सरकार में देखा है।

 

बचाव : एंटी इनकमबेंसी से
मोदी ने कार्यक्रम में शामिल लाखों की भीड़ की ओर इशारा करते हुए कहा कि राजस्थान की जमीन की क्या सच्चाई है, जनता का क्या मत है, यह भीड़ में हर कोई देख सकता है। मोदी बताना चाह रहे थे कि सरकार ने जमीन पर बहुत काम करवाया है और एंटी इनकमबेंसी सिर्फ प्रोपेगेंडा है। उन्होंने लाभार्थियों से योजनाओं का प्रचार करने को भी कहा।

 

फोकस : किसान और जवानों पर
प्रदेश में किसानों की नाराजगी के मुद्दे को भांपते हुए मोदी ने भाषण की शुरुआत ही जय जवान-जय किसान से की। खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में इजाफे का जिक्र करते हुए कहा-इस फैसले के बाद उनका पहला दौरा राजस्थान में हुआ है। कर्जमाफी, फसल खरीद के आंकड़े गिनाए। सर्जिकल स्ट्राइक व वन रैंक वन पेंशन का जिक्र भी किया।

  • ...और 2 मैसेज भी दे गए

वसुंधरा ही करेंगी नेतृत्व : मोदी ने वसुंधरा के लिए बहन वसुंधरा, जनप्रिय व लोकप्रिय सीएम जैसे शब्द इस्तेमाल किए। कहा-चार साल पहले बहुत खराब हालत में वसुंधरा ने काम संभाला था। आज कोई चीजें न लटकती हैं, न भटकती हैं और न अटकती हैं। 

मैसेज ये : वसुंधरा सरकार ने चार साल में अच्छा काम किया। अगला चुनाव भी वसुंधरा के ही नेतृत्व में होगा।
प्रदेशाध्यक्ष पर मतभेद नहीं : मोदी ने कहा-जब मैं संगठन के काम से राजस्थान आता था तो मदनलाल सैनी के साथ दौरे करता था। वे आज प्रदेश अध्यक्ष के रूप में हमारा नेतृत्व कर रहे हैं।
मैसेज ये : प्रदेशाध्यक्ष को लेकर केंद्रीय व प्रदेश नेतृत्व में ढाई माह चली खींचतान को दरकिनार किया। सैनी को खुद से जोड़कर मैसेज दिया कि वे उनकी यानी केद्रीय नेतृत्व की पसंद हैं।  

 

कांग्रेस का पलटवार: बेल नहीं, कांग्रेस सरकार आई तो भ्रष्टों को जेल ही भेजेंगे

पार्टी प्रवक्ता आरपीएन सिंह ने कहा कि पिछले चार वर्षों में पीएम मोदी ने किसानों को ‘ट्रैक्टर से बैलगाड़ी’ पर लाने का काम किया है। कांग्रेस सत्ता में आई तो भ्रष्टाचार में शामिल भाजपा के लोग ‘बेल’ नहीं, जेल में होंगे।’
सचिन पायलट बोले- सरकारी कार्यक्रम को भाजपा ने अपना चुनावी कार्यक्रम बनाया, जनता की गाढ़ी कमाई को बहाया।

 

मोदी ने लाल और नीली बत्ती उतारी, राजे ने मंत्री-सांसद-विधायकों को भीड़ संग बैठाया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज से करीब 14 महीने पहले 1 मई को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्री एवं अफसरों की गाड़ियों से लाल-नीली बत्ती का अधिकार छीन कर देश में वीवीआईपी कल्चर खत्म करने का काम किया। अब, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इससे आगे एक और कदम बढ़ाया। मंच को छोड़कर पांडाल में मंत्री, विधायक या फिर किसी राजनेता के लिए कोई कुर्सी नहीं लगने दी। मंत्री, सांसद, विधायक एवं जनप्रतिनिधि भी लाभार्थियों के साथ पांडाल में नीचे कारपेट पर बैठे। प्रदेश भर से आए लोगों को सीएम ने संदेश देने की कोशिश की कि यहां न कोई वीवीआईपी है या न कोई मंत्री, न विधायक या सांसद। सभी लोग समान हैं।

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