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छह महीने के बेटे को लेने झूलाघर पहुंची महिला, लेकिन तब तक बंद हो चुका था वो, घबराई मां को समझ नहीं आ रहा था कहां होगा बच्चा

ओनर ने आकर जब खोला झूलाघर का दरवाजा, तो सामने आई बड़ी लापरवाही

Dainik Bhaskar

Nov 10, 2018, 09:34 PM IST

बिलिंग्स. अमेरिका के मोंटाना में रहने वाली एक महिला जब अपने छह महीने के बच्चे को लेने के लिए झूलाघर पहुंची तो उसे बंद पाकर वो हैरान रह गई। परेशान मां को समझ नहीं आ रहा था कि वो क्या करे और उसका बेटा कहां होगा। इसके बाद उसने झूलाघर की डायरेक्टर को फोन लगा दिया। उसने आने के बाद जैसे ही झूलाघर को खोला तो वो बच्चा अंदर कमरे में मिला। ये घटना शुक्रवार को हुई और अगले दो दिन झूलाघर बंद रहना था। स्टाफ की इस लापरवाही से नाराज महिला ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी।

वक्त से पहले बंद हो चुका था झूलाघर

- ये स्टोरी अमेरिका के बिलिंग्स शहर में रहने वाली 30 साल की महिला तान्या मर्चेन की है। जो रोज सुबह अपने छह महीने के बेटे को एक चाइल्ड केयर सेंटर में छोड़कर जॉब पर जाती थी और शाम को उसे वहां से पिक कर लेती थी।
- नवंबर के पहले शुक्रवार को भी वो रोजाना की तरह शाम 5.45 बजे अपने बेटे को लेने के लिए उसके झूलाघर पहुंची, लेकिन जब वो ये जानकर हैरान रह गई कि झूलाघर वक्त से पहले बंद हो चुका था।
- वहां की लाइट्स पूरी तरह बंद थी और दरवाजे पर ताला लगा हुआ था। बेटे को ना पाकर वो बुरी तरह परेशान हो गई और वहां कोई ऐसा शख्स भी नहीं था, जो उसे उसके बेटे के बारे में कुछ बता सके। इस हालत में तान्या बेहद सदमे में थी।
- इसके बाद उसने डे-केयर की डायरेक्टर एवी पिकरिंग को फोन लगा दिया, जिसके बाद वो तुरंत वहां पहुंच गई। तान्या को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि उसका बेटा कहां होगा। वहां पहुंचते ही एवी ने तुरंत झूलाघर का ताला खोला और भागते हुए अंदर पहुंची।

अंदर बंद रह गया था बच्चा

- तान्या के मुताबिक उसका बेटा बच्चों के सोने के लिए बनाए गए कमरे में मिला। उसे सोता हुआ छोड़कर स्टाफ के लोग वहां ताला लगाकर चले गए थे। जब ये दोनों वहां पहुंचे तो वो जाग रहा था।
- बच्चा मिलने के बाद झूलाघर की डायरेक्टर एवी ने तान्या को सफाई देते खूब समझाने की कोशिश की। उसने बताया, 'बच्चे की देखभाल करने वाली महिला की तबीयत आज अचानक खराब हो गई थी और वो वहां से जल्दी चली गई थी। बाकी स्टाफ मेंबर्स नए थे और उन्हें बच्चों के कमरे में ड्यूटी करने की आदत नहीं थी। इसलिए ये गलती हो गई।'
- गुस्साई तान्या वहां से निकल गई और उसने झूलाघर की लापरवाही के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। इस मामले में पुलिस ने डे-केयर सेंटर के खिलाफ चाइल्ड एब्यूज के मामले में चार्जेस दर्ज किए। साथ ही केस को चाइल्ड प्रोटेक्टिव सर्विसेस को भी ट्रांसफर कर दिया।
- इस मामले को लेकर डे-केयर सेंटर की ओनर किम रेडिंग ने कहा कि 'ये गड़बड़ी स्टाफ मेंबर्स की गलतफहमी की वजह से हुई। ये बहुत बड़ी गलती है और हम इसके लिए शर्मिंदा हैं।' फिलहाल इस मामले की जांच जारी है।
- इस घटना के बाद तान्या ने बेटे को उस डे-केयर सेंटर में छोड़ना बंद कर दिया। अगले दिन से वो उसे अपनी एक दोस्त के घर छोड़कर ऑफिस जाने लगी। महिला का कहना है कि उसे नहीं पता अब वो दोबारा बच्चे की सुरक्षा को लेकर किसी पर फिर से भरोसा कर पाएगी या नहीं।

Mum’s horror when she arrived to six-month-old son from nursery only to discover staff had locked him inside
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Mum’s horror when she arrived to six-month-old son from nursery only to discover staff had locked him inside
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