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जरूर जाएं: यहां 12 साल बाद खिले हैं नीलकुरिंजी के फूल, केरल के मुन्नार को कहते हैं ' बेस्‍ट प्‍लेस फॉर रोमांस'

यहां 12 साल बाद फिर से नीलकुरिंजी के फूल खिल गए हैं जिसके कारण पूरी वादी नीली नजर आ रही है।

Danik Bhaskar

Jul 14, 2018, 01:32 PM IST
  • 2017 में 11 लाख से अधिक टूरिस्ट इडुक्की की खूबसूरती को देखने के लिए पहुंचे थे
  • मुन्नार से कुछ किलोमीटर दूर है ​दक्षिण भारत की सबसे ऊंची अनामुड़ी पहाड़ी

लाइफस्टाइल डेस्क. केरल के इडुक्की जिले का मुन्नार यूं तो एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन और जायकेदार चाय के बागानों के लिए जाना जाता है। लेकिन इस साल ये खास तरह के फूलों के कारण चर्चा में है। यहां 12 साल बाद फिर से नीलकुरिंजी के फूल खिल गए हैं जिसके कारण पूरी वादी नीली नजर आ रही है। इसका वैज्ञानिक नाम स्ट्रोबिलैंथस कुंथियाना है। केरल टूरिज्म के मुताबिक 2017 में 11 लाख से अधिक टूरिस्ट सिर्फ इडुक्की की खूबसूरती को देखने के लिए पहुंचे थे। मानसून के मौसम में अगर घूमने का प्लान बना रहे हैं तो मुन्नार एक बेहतरीन डेस्टिनेशन है। मुन्‍नार को हाल ही में एक मैग्‍जीन ने 'बेस्‍ट प्‍लेस फॉर रोमांस 2017' का खिताब दिया है।

एक बार फूल निकलने के बाद खत्म हो जाता है पौधा
यूनिवर्सिटी कॉलेज तिरुवनंतपुरम के रिटायर्ड असोसिएट प्रोफेसर ई. कुन्हीकृष्णन के मुताबिक इस फूल को आम बोलचाल की भाषा में नीलगिरी या ब्लू माउंटेन कहते हैं। यह वेस्टर्न घाट्स के शोला फॉरेस्ट में हर 12 साल में एक बार खिलता है फिर सूख जाता है। सूखने पर इसके बीज वहीं पर गिर जाते हैं और इसे से अगली पौध तैयार होने लगती है। इसकी प्रजाति मोनोकार्पिक नेचर वाली है। मानोकार्पिक नेचर वाले पौधे एक बार फूल या फल निकलने के बाद खत्म हो जाते हैं।

कहां जाएं और क्यों जाएं
मुन्नार और इसके आसपास कई ऐसी टूरिस्ट प्लेसेस हैं जो आपकी जर्नी का यादगार बनाते हैं।अगर आपको फोटोग्राफी का शौक है तो यह जगह आपको कतई निराश नहीं करेगी।

1. इरविकुलम नेशनल पार्क
यह मुन्नार से 15 किलोमीटर दूर है। इसका निर्माण नीलगिरी के जंगली बकरों को बचाने के लिए किया गया था। 1975 में इसे अभ्यारण्य घोषित किया गया था। 97 वर्ग किमी में फैला यह उद्यान प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है। यहां दुर्लभ नीलगिरी बकरों को देखा जा सकता है। साथ ही यहां ट्रैकिंग की भी सुविधा उपलब्ध है।

2. अनामुड़ी पहाड़ी
इरविकुलम नेशनल पार्क के नजदीक ही ​दक्षिण भारत की सबसे ऊंची अनामुड़ी पहाड़ी है। इसकी ऊंची 2700 मीटर है। हालांकि इस चोटी पर जाने के लिए आपको वाइल्ड लाइफ अथॉरिटी की अनुमति लेनी होगी। यहां पहुंचकर मुन्नार की खूबसूरती को कैमरे में कैद कर सकते हैं।

3. मट्टूपेट्टी
मट्टुपेट्टी समुद्र तल से 1700 मी. ऊंचाई पर स्थित है। यहां पर बनी मट्टुपेट्टी झील और बांध पर पर्यटक पिकनिक मनाने आते हैं। यहां से चाय के बागानों का मनमोहक दृश्य नजर आता है। बोटिंग का भी आनंद लिया जा सकता है। मट्टुपेट्टी डेयरी फार्म के लिए प्रसिद्ध है।

4. पल्‍लईवसल
मुन्‍नार के चित्रापुरम इलाके से तीन किमी. दूर है पल्‍लईवसल। यह वही जगह है जो केरल के पहले हाइड्रो इलेक्‍ट्रिक प्रोजेक्‍ट के लिए जानी जाती है। यह जगह काफी खूबसूरत है और टूरिस्‍ट्स का फेवरेट पिकनिक स्‍पॉट भी है।

5. अट्टूकड वाटरफॉल
यह झरना मुन्नार से 8 किलोमीटर दूर कोच्चि रोड पर स्थित है। अट्टूकड वाटरफॉल मुन्नार का एक प्रमुख पर्यटक स्थल है। मानसून के दिनों में (जुलाई-अगस्त) इसकी सुंदरता और भी बढ़ जाती है। इस झरने के अलावा भी इस रास्ते में दो और झरने भी हैं- चीयापरा फॉल्स और वलार फॉल्स।

6. टी-म्यूजियम
इस संग्रहालय को टाटा-टी द्वारा संचालित किया जाता है। 1880 में मुन्नार में चाय उत्पादन की शुरुआत से जुड़ी निशानियां इसी संग्रहालय में रखी गई हैं। यहां मुन्नार के इतिहास से रूबरू कराती कई तस्वीरें मिलेंगी। इसके पास ही स्थित टी प्रोसेसिंग ईकाई में चाय बनने की पूरी प्रक्रिया को करीब से देखा व समझा जा सकता है।

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