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डाउनलोड करेंनई दिल्ली. रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने रेलवे के सभी 16 जोन को एक पत्र लिखा है। इस साल रेलवे बजट में जिन प्रोजेक्ट की घोषणा की गई थी, उनको तय सीमा में पूरा करने के लिए कहा है। इस काम को बेहतर तरीके से अंजाम देने के लिए रेलवे ने मासिक लक्ष्य भी तय किया है। इसमें नई लाइन, ब्रॉडगेज में बदलाव का काम शामिल है। साथ ही पूर्वोत्तर को मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ने वाले प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 2018-2019 की समय सीमा तय की गई है। बता दें, मोदी सरकार ने इन सभी परियोजनाएं को 2020 तक पूरा करने का लक्ष्यी है।
इन प्रोजेक्ट की तय है समय सीमा
- असम के डिब्रुगढ़ में बोगीबील प्रोजेक्ट को पूरा करने का टारगेट जून 2018 है। ये पुल कई मायनों में खास है, इस पुल पर रेलवे लाइन के साथ हाईवे बनाने का काम भी किया जा रहा है। इस पुल की लंबाई 4.94 किलोमीटर है।
- जिरीबाम-इंफाल लाइन के लिए वंगाईचुंगपाओ-कायमई-कमबिरोन सेक्शन की तय सीमा फरवरी 2019 है।
- वहीं, मार्च 2019 तक नगालैंड में (दीमापुर) धनसीरी से केहिमा (जुबजा) लाइन के सेक्शन का काम पूरा करना है।
- लोहानी ने कहा कि सभी जोनल रेलवे को एक ऐसा सिस्टम तैयार करना चाहिए जिससे प्रोजेक्ट और उससे जुड़े सभी कामों को पूरा करने के फैसले की समीक्षा और निगरानी एजीएम के स्तर पर की जा सके। उन्होंने कहा कि इस तरह की परियाजनाओं को पूरा करने के लिए उच्च स्तर की प्लानिंग की जरूरत होती है।
रेलवे बजट में शामिल ये काम
- देश में 36,000 किलोमीटर की नई रेलवे लाइन बिछाई जाएंगी।
- 18,000 km रेलवे लाइन डबल की जाएगी। करीब तीन या चार ट्रैक वाली करीब 4 हजार किलोमीटर लाइन बिछाने का टारगेट है।
- 600 ट्रेनों को मॉडर्न बनाने के लिए इनकी पहचान की जा चुकी है।
- 4,000 किलोमीटर ट्रैक के इलेक्ट्रिफिकेशन का टारगेट पूरा हो गया है।
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