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सीटें खाली रहने के कारण 50 से अधिक कॉलेजों ने बंद किए प्रोफेशनल कोर्स, बीबीए, बीसीए छोड़ रहे छात्र

3 वर्ष पहले
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ग्वालियर.   अंचल में बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) और बैचलर ऑफ कम्प्युटर एप्लीकेशन (बीसीए) में छात्रों की रुचि घट गई है। पिछले दो सालों में इन कोर्सेस में एडमिशन की दर घटने के कारण करीब 50 कॉलेजों ने कोर्स ही बंद कर दिए हैं। सरकारी व अनुदानित कॉलेज भी इन कोर्स को बंद करना शुरू कर दिया है। एसएलपी व माधव कॉलेज ने दो साल पहले ही बीबीए कोर्स बंद कर चुके हैं। छात्रों का कहना है कि जब जॉब नहीं मिल रही तो बीबीए व एमसीए करने का क्या फायदा। इन कोर्सेज की निजी कॉलेजों में फीस 25 हजार सालाना है जबकि सरकारी कॉलेजों में 13 से 15 हजार रुपए। वहीं बीकॉम व बीएससी की फीस सिर्फ 6 हजार रुपए है।

 

यूजी में इन कोर्स की खाली रहती हैं सीटें

 

जीवाजी यूनिवर्सिटी
कोर्ससीटएडमिशन 2017
बीसीए4528
बीबीए6055 
बीटीएम2517
बीएचएम एंड सीटी6020
साइंस कॉलेज
कोर्ससीटएडमिशन 2017
बीसीए15060
बीएससी सीएस770फुल 
बीएससी मैथ660फुल 
पीजीवी कॉलेज
कोर्ससीटएडमिशन 2017
बीसीए6015
बीएससी120फुल
बीकॉम120फुल
केआरजी कॉलेज
कोर्ससीटएडमिशन 2017
बीबीए12040
बीकॉम10042
बीएससी1200फुल
मैथ470फुल
एमएलबी कॉलेज
कोर्ससीटएडमिशन 2017
बीबीए6055
बीकाॅम640फुल
बीए480फुल
महाराजा मानसिंह कॉलेज
कोर्ससीटएडमिशन 2017
बीबीए3008
बीएससी240फुल
बीकॉम240फुल

 

पहले भर जाती हैं बीएससी व बीकॉम की सीटें 
अंचल के कॉलेजों में पिछले वर्ष बीकॉम में लगभग 12 हजार और बीएससी में 15 हजार छात्राें ने एडमिशन लिया था। वहीं बीबीए व बीसीए में 6 हजार सीटें होने के बाद भी सिर्फ तीन हजार छात्रों ने एडमिशन लिया। शहर के साइंस कॉलेज, केआरजी, एमएलबी व अनुदानित कॉलेज पीजीवी व महाराजा मानसिंह कॉलेज में संचालित बीकॉम की  दो हजार व बीएससी की 3 हजार सीटें वर्ष 2017-18 में फुल हो गईं थीं। जबकि बीबीए व बीसीए की आधी सीटें भी नहीं भरीं जा सकीं थीं।

 

बीबीए व बीसीए से नहीं मिल रहीं नौकरियां

जीवाजी यूनिवर्सिटी प्रोफेसर डीडी अग्रवाल ने बताया कि बीबीए व बीसीए जैसे कोर्स में ज्यादातर कॉलेज छात्रों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा नहीं दे पा रहे। साथ ही ऐसे कोर्स से छात्रों को जॉब भी नहीं मिल रही। इसलिए छात्र बीकॉम व बीएससी जैसे कोर्स में एडमिशन ले रहे हैं। 

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