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ढाबे और पंचर दुकान पर काम करता था ये शख्स, अब अपनी डेढ़ करोड़ रूपए की कार के लिए खरीदा 15 लाख का नंबर

3 वर्ष पहले
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जयपुर. जिस शख्स ने 16 साल पहले तक एक छोटे से ढाबे पर 150 रुपए महीने और पंचर की दुकान पर काम किया, मंगलवार को उसने 1.5 करोड़ की जगुआर कार पर आरटीओ में बोली के जरिए 15 लाख रुपए में वीआईपी नंबर खरीदा। उसने यह बोली आरजे 45 सीजी 0001 नंबर के लिए लगाई। इतना ही नहीं, इस नंबर के लिए 1 लाख 1 हजार रुपए की फीस भी अलग से जमा कराई।

इस बोली में तीन फर्मों ने भाग लिया। आखिरकार जयपुर निवासी राहुल तनेजा ने सबसे महंगी बोली लगाकर नंबर अपने नाम कर लिया। तनेजा इवेंट व वेडिंग मैनेजमेंट कंपनी लाइव क्रिएशन्स के फाउंडर हैं। डीटीओ (डिस्ट्रिक ट्रांसपोर्ट ऑफीसर) अनिल सोनी ने बताया कि यह अब तक का प्रदेश का सबसे महंगा नंबर है। 

 

रंग  बेच-बेच  के  रंगी  जिंदगी  

 

तनेजा एमपी की मंडला तहसील के एक छोटे गांव में बेहद गरीब परिवार में पैदा हुए। पांच बहन-भाइयों में सबसे छोटे हैं। शुरूआत में पिता के साथ पंचर बनाने का काम किया। कुछ बड़ा करने की चाहत लिए राहुल ने अपना घर छोड़ दिया। दो साल तक जयपुर में ढाबे पर काम किया। दिवाली के समय फुटपाथ पर पटाखे, होली में रंग और मकर संक्रांति में पतंगे बेची। घर-घर जाकर  अख़बार डाले। दिन में ढाबे पर नौकरी की और रात को ऑटो चलाया। 

 

ऐसे बदली किस्मत

 

राहुल ने बताया कि एक दिन उनकी पर्सनालिटी देखकर मोहल्ले के कुछ लड़कों ने मॉडलिंग की सलाह दी। मॉडलिंग में मिस्टर जयपुर, मिस्टर राजस्थान और मेल ऑफ़ दी ईयर के टाइटल जीते।  इसके बाद उन्हें लगातार शो मिलते चले गए। बाद में  इवेंट किए। अब वे वेडिंग्स के इवेंट्स कर रहे हैं। राहुल का शुरू से ही एक नंबर से खास नाता है। उनके मोबाइल और लैंड लाइन के अंतिम सात नंबर और कारों के नंबर भी एक ही हैं।

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