पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंकुशलगढ़ (जोधपुर). अपने दो बच्चों के साथ जिंदा जल गई शिक्षिका मां रीता की मौत के मामले में नया मोड़ आया है। हादसा प्रतीत होने वाली घटना पर रीता के शंकरपुरा निवासी भाई सुरेश ने पुलिस को चौंकाने वाली रिपोर्ट दी है। जिसमें मृतका के ससुर महेश भूरिया पर रीता के साथ अश्लील हरकतें करने और शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए है। महेश ने बताया कि 8 साल पहले जब बहन रीता 12वीं पढ़ रही थी। तब आरोपी विकास उसके पिता महेश और मां रमा उसे जबरन विकास की पत्नी बनाने की नीयत से भगाकर ले गए थे। जब विकास काम के सिलसिले में बाहर जाता था तो ससुर महेश उसे नाजायज संबंध बनाने के लिए दबाव बनाता था। इससे रीता परेशान हो चुकी थी। सुरेश ने ससुर महेश पर रीता और उसके बच्चों की हत्या कर शव जलाने के आरोप लगाए।
भाई ने बताई ये बात
रीता और उसका पति विकास की सरकारी शिक्षक बनने की ख्वाहिश थी। दोनों ने 2 साल पहले नीमकाथाना और सीकर से बीएड की। 4 महीने पहले अध्यापक पात्रता परीक्षा के लिए दोनों ने आवेदन किया। इसकी तैयारी के लिए बांसवाड़ा में ढाई महीने तक किराए पर रहकर कोचिंग भी की। रीता टिमेड़ा बड़ा में एक निजी स्कूल में 3500 रुपए तनख्वाह पर नौकरी कर रही थी। जबकि पति विकास 20 दिन पहले ही काम के लिए महाराष्ट्र गया था।
खुद का खून देकर बचाई थी रीता की जान : ससुर
आरोपों से घिरे रीता के ससुर महेश भूरिया ने आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि वह बहू और पोतों से बेहद प्यार करता था। एक बार रीता बहुत बीमार पड़ने से खून की कमी हो गई थी। तब मैंने उसके लिए खून दिया था। पोते जिगर को दमे की बीमारी थी। उसके लिए भी घर पर ही मशीन लाकर खुद उसकी देखभाल करता था। इतने प्यार के बाद मैं अपने ही पोतों की हत्या कैसे कर सकता हूं ये आरोप गलत है।
शिक्षक बनने बांसवाड़ा में किराए पर रहा दंपती
रीता और उसका पति विकास की सरकारी शिक्षक बनने की ख्वाहिश थी। दोनों ने 2 साल पहले नीमकाथाना और सीकर से बीएड की। 4 महीने पहले अध्यापक पात्रता परीक्षा के लिए दोनों ने आवेदन किया। इसकी तैयारी के लिए बांसवाड़ा में ढाई महीने तक किराए पर रहकर कोचिंग भी की। रीता टिमेड़ा बड़ा में एक निजी स्कूल में 3500 रुपए तनख्वाह पर नौकरी कर रही थी। जबकि पति विकास 20 दिन पहले ही काम के लिए महाराष्ट्र गया था।
ये था पूरा मामला
मंगलवार शाम दर्दनाक हादसे में टीचर अपनी 7 साल की बेटी और 2 साल के मासूम बेटे के साथ बिस्तर पर ही जिंदा जल गई थी। मौके के हाल से ऐसा लग रहा था कि टापरे की छत गिरने से आग इतनी तेजी से फैली कि गेट खुला होने के बाद भी निकलने तक का मौका नहीं मिला। चिल्लाने की आवाजें सुनकर पड़ाेसी मदद के लिए दौड़े लेकिन पूरा मकान आग की लपटों से घिर चुका था। ग्रामीणों ने बर्तन और बाल्टियों से जैसे-तैसे कर आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक महिला और उसके दोनों बच्चों के कंकाल ही बचे थे।
पलंग के पास मिला केरोसिन का डिब्बा
- रीता के घर से केरोसिन की बदबू आ रही थी। जहां रीता का शव मिला, उसके नीचे केरोसिन का डिब्बा भी मिला। हैड कांस्टेबल मनोज का कहना है कि आग सबसे ज्यादा पलंग के हिस्से में लगी।
- घर में गैस चूल्हा है जो भी दूसरे कमरे में था। ऐसे में सवाल यह खड़ा हो रहा है कि केरोसिन का डिब्बा पलंग के पास कैसे पहुंचा या फिर पलंग के नीचे ही रखा हुआ था।
- हो सकता है कि किसी विवाद की वजह से रीता ने यह कदम उठाया हो। दरवाजा खुला होने से यह भी आशंका है कि तीनों को जलाकर कोई बाहर निकल भागा हो। पुलिस इन सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.