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डाउनलोड करेंचंडीगढ़. मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने एक सड़क हादसे में घायल हुए किशनगढ़ के गुरजंट सिंह को 17 लाख रुपए मुआवजा देने का फैसला सुनाया है। 30 साल का गुरजंट ट्रक कंडक्टर की नौकरी करता था और उसने अपने साथ हुए हादसे के लिए ट्रक के ड्राइवर को ही जिम्मेदार बताया था। गुरजंट का आरोप था कि एक्सीडेंट ड्राइवर गुरदीप सिंह की लापरवाही से हुआ था जिस कारण न सिर्फ वह घायल हुआ बल्कि उसकी टांग भी काटनी पड़ गई। गुरजंट ने मुआवजे के लिए ड्राइवर गुरदीप सिंह, ट्रक के मालिक प्रीतम सिंह और नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ पिटीशन दायर की थी। हालांकि ट्रिब्यूनल ने उसकी पिटीशन पर केवल इंश्योरेंस कंपनी को 17 लाख 11 हजार 878 रुपए मुआवजा अदा करने के निर्देश दिए हैं।
कंडक्टर ने कहा- मैं समझा रहा था कि ट्रक धीरे चलाएं
गुरजंट ने अपनी पिटीशन में बताया कि 6 जुलाई 2016 को वे बद्दी से ट्रक लोड कर डिलीवरी के लिए देहरादून जा रहे थे। ट्रक को पंचकूला का गुरदीप सिंह चला रहा था। गुरजंट के मुताबिक गुरदीप ट्रक बड़ी ही लापरवाही और तेज रफ्तार से चला रहा था। उसे अपना ट्रक एक उत्तराखंड नंबर के ट्रक के पीछे लगा रखा था। गुरजंट ने ड्राइवर को बोला भी कि वे देहरादून शहर के अंदर आ चुके हैं और ट्रक को अब इतनी रफ्तार में न चलाएं। लेकिन ड्राइवर ने उनकी बात अनसुनी कर दी और रफ्तार जारी रखी। हुआ ये कि उनके और आगे चल रहे ट्रक के बीच टक्कर हो गई। इस हादसे में ड्राइवर को तो इतनी चोटें नहीं पहुंची लेकिन गुरजंट घायल हो गया।
25 लाख रुपए मांगे थे ...
पिटीशन के मुताबिक गुरजंट का इलाज पीजीआई में चल रहा था। उनकी दाई टांग पर कई फ्रैक्चर हो गए थे जिस कारण ब्लड सप्लाई भी रुक गई। अब डॉक्टरों के पास टांग काटने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं बचा। गुरजंट ने बताया कि वे 10 हजार रुपए महीने की सैलरी पर काम करता थे। इस हादसे के कारण उनकी लाइफ खराब हो गई। उन्होंने कोर्ट से 25 लाख रुपए मुआवजे की मांग की।
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