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| क्रिटिक रेटिंग | 1.5/5 |
| स्टार कास्ट | सुमित व्यास, आरजे मंत्रा, सोनाली सहगल, कुमुद मिश्रा |
| डायरेक्टर | आकर्ष खुराना |
| प्रोड्यूसर | अरुण प्रकाश, निखिल जकातदार, विकास बहल |
| म्यूजिक | रजत तिवारी, स्वेतांग शंकर, उदयन सागर |
| जॉनर | कॉमेडी ड्रामा |
| ड्यूरेशन | 1 घंटा 42 मिनट |
हाईजैक की कहानी - फिल्म एक डूबती एयरलाइन्स के चार कर्मचारियों की कहानी है जो अपनी सैलरी समय पर न मिलने से परेशान हो जाते हैं और कंपनी के प्लेन को हाईजैक कर पैसा वसूलने की प्लानिंग करते हैं। इसी बीच प्लेन में बैठे ज्यादातर यात्री ड्रग्स ले लेते हैं और थोड़ा हाई हो जाते हैं। इस प्लेन में डीजे राकेश भी सवार होते हैं। राकेश यानी सुमित व्यास जो कि गोवा में रहते हैं और खुद को एक रॉकिंग डीजे समझते हैं। उधऱ उनके पिता का क्लिनिक बंद होने के कगार पर है क्योंकि उन्होंने लोन का पेमेंट नहीं किया है। फिल्म की कहानी इसी प्लेन में बैठे किरदारों के इर्द-गिर्द घूमती है।
हाईजैक का रिव्यू- फिल्म को थिएटर जगत के जाने माने नाम आकर्ष खुराना ने बनाया है। हाईजैक एक बोरिंग कॉमेडी है। कॉमेडी प्रोमिसिंग प्लॉट से शुरू होती है लेकिन इंटरवल तक पहुंचने से पहले ही बोर करने लगती है। फिल्म के ट्रेलर को देखकर लगा था ये एक थ्रिलिंग हाईजैक ड्रामा होगा लेकिन अंदर ऐसा कुछ नहीं मिला। फिल्म की कहानी बहुत ही कमजोर है। इसे खुद आकर्ष ने लिखा है। फिल्म में बहुत कम जगह ऐसे सीन्स हैं जहां हंसी आती है। ज्यादातर कास्ट की एक्टिंग में भी दम नहीं है। उन्हें देखकर लगता ही नहीं कि वे एक हाईजैक प्लेन के पैसेंजर हैं। सुमित व्यास और आरजे मंत्रा समझदार एक्टर हैं लेकिन लगता है वे गलत फिल्म में फंस गए हैं। ये जानकर और भी निराशा होती है कि इसे आकर्ष ने बनाया है जो थिएटर से हैं। वे इसके पहले 'काइट्स', 'कृष' सीरीज की फिल्मों में बतौर पटकथा लेखक और को-डायरेक्टर के तौर पर भी काम कर चुके हैं। फिल्म का म्यूजिक न्यूकिलर के साथ और ग्रुप ने तैयार किया है जो कि बहुत ही बेकार है। देखा जाए तो फिल्म में कुछ भी खास नहीं है। आप इसे देख सकते हैं, लेकिन अपनी रिस्क पर।
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