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Movie Review: देश के प्रति गर्व पैदा करती है 'परमाणु'

यदि आप परमाणु परीक्षण से जुड़े इतिहास के बारे में जानना चाहते है तो फिल्म जरूर देखने जाएं।

Danik Bhaskar | Aug 02, 2018, 01:59 PM IST

क्रिटिक रेटिंग 3/ 5
स्टार कास्ट जॉन अब्राहम, डायना पेंटी, बोमन ईरानी, अनुजा साठे
डायरेक्टर अभिषेक शर्मा
प्रोड्यूसर जेए एंटरटेनमेंट, जी स्टूडियो, केवायटीए प्रोडक्शन
म्यूजिक सचिन-जिगर
जोनर हिस्टोरिकल एक्शन ड्रामा
ड्यूरेशन 128 मिनट

'परमाणु: द स्टोरी ऑफ पोखरण' की कहानी: डायरेक्टर अभिषेक शर्मा की फिल्म 'परमाणु: द स्टोरी ऑफ पोखरण' शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई हैं। फिल्म 1998 पोखरण परमाणु परीक्षण पर बनी है। फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे यूएस द्वारा सेटेलाइट के माध्यम से नजर रखने के बावजूद इंडियन साइंटिस्ट परमाणु परीक्षण को सफलतापूर्वक अंजाम देते हैं। फिल्म की कहानी शुरू होती है, प्रधानमंत्री के ऑफिस से जहां चीन के परमाणु परीक्षण के बारे में बातचीत हो रही है। तभी आईएएस ऑफिसर अश्वत रैना (जॉन अब्राहम) भारत को भी एक न्यूक्लियर पावर बनाने की सलाह देते हैं। देशभक्त रैना परमाणु परीक्षण के लिए अपना परफेक्ट प्लान बनाते हैं लेकिन भ्रष्ट नेता द्वारा उनका प्लान चोरी कर लिया जाता है। परीक्षण सफल नहीं हो पाता और रैना को बर्खास्त कर दिया जाता है। लेकिन तीन साल बाद दोबारा परमाणु परीक्षण करने का प्लान बनाया जाता है। इर बार इस बात का खास ध्यान रखा जाता है कि यूएस को इसकी भनक न लगे। रैना, 4 स्मार्ट साइंटिस्ट और एक्सपर्ट, जिसमें अम्बालिका (डायना पेंटी) भी टीम का पार्ट होती है, के साथ मिलकर काम को पूरा करने की प्लानिंग करता है। इसी दौरान आईएसआई और सीआईए के एजेंट इंडिया द्वारा किए जा रहे परमाणु परीक्षण की खोजबीन में लग जाते हैं। इधर, रैना की वाइफ (अनुजा साठे), जो इन सब बातों से अंजान है, हसबैंड पर शक करती है कि वो उसे धोखा दे रहा है।


'परमाणु: द स्टोरी ऑफ पोखरण' का रिव्यू: डायरेक्टर अभिषेक शर्मा ने परमाणु परीक्षण की स्टोरी को बिना किसी थ्रिलर के साथ पेश किया है। सबसे अच्छी बात ये है कि दुनिया की नजरों से अबतक छुपी इस कहानी को उन्होंने एक अलग अंदाज पेश किया है। अभिषेक ने साईवेन क्यूड्रास और सयुंक्ता चावला शेख के साथ फिल्म की स्क्रिप्ट लिखी है।
अभिषेक ने फिल्म में रियल फुटेज का भी यूज किया है, जिसमें नेताओं, अटल बिहारी वाजपेयी और एपीजे अब्दुल कलाम के भाषण शामिल हैं। बता दें कि ये बॉलीवुड की पहली ऐसी फिल्म है, जिसमें यूएस की जबरजस्त टांग खींची गई है। शर्मा, जिन्होंने 'तेरे बिन लादेन' जैसी फिल्म को डायरेक्ट किया है, उनकी ये फिल्म देखकर लगता है कि उन्होंने इसे बनाने में काफी मेहनत की है। जॉन ने अपने किरदार के साथ इंसाफ किया है। वहीं, फिल्म में डायना पेंटी के लिए करने को कुछ भी नहीं था। पेंटी को देखकर लगता है कि उन्होंने अपने किरदार को निभाने में खास मेहनत नहीं की। यदि आप परमाणु परीक्षण से जुड़े इतिहास के बारे में जानना चाहते है तो फिल्म जरूर देखने जाएं।

फिल्म परमाणु में जॉन अब्राहम और डायना पेंटी। फिल्म परमाणु में जॉन अब्राहम और डायना पेंटी।