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रोजाना 200 प्रसूताएं, स्त्री रोग विशेषज्ञ सिर्फ एक
{2018 के पहले से स्वास्थ्य विभाग को भेजे जा रहे हैं पत्र
महिला दिवस पर हर बार महिलाओं के अधिकारों की खूब बातें होती हैं। इस बार भी हुईं। लेकिन हकीकत ये सिर्फ बातें हैं, बातों का क्या। संतनगर के सिविल अस्पताल में प्रसूताओं को इलाज के लिए दो-दो घंटे तक कतार में लगना पड़ रहा है। इसके बाद भी गारंटी नहीं है कि उन्हें इलाज मिल ही जाए। वजह यह है कि यहां रोजाना 200 प्रसूताएं इलाज के लिए पहुंचती है लेकिन स्त्री रोग विशेषज्ञ सिर्फ एक ही है। अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है कि एक स्त्री रोग विशेषज्ञ इतनी महिला मरीजों का इलाज कैसे करेंगी? जाहिर है कि यहां से ज्यादातर केस रेफर हो रहे हैं। प्रसूताओं काे इमरजेंसी में इलाज तभी मिल पाएगा जब विशेषज्ञ डॉक्टर उनके कॉल पर अस्पताल में उपलब्ध हो जाएं। अन्यथा अस्पताल का स्टॉफ पर्चा बनने से पहले ही मरीजों को दूसरे अस्पताल में जाने की सलाह दे देता है।
हाईरिस्क केस को रेफर करना मजबूरी 24 घंटे ऑनकॉल ड्यूटी पर रहती हूं
अगर ड्यूटी पर दो-चार लेडी डॉक्टर रहें तो प्रसूताओं की सही रिपोर्टिंग मिलती है। लेकिन हकीकत तो यह है कि हर प्रसूता को पूरी तरह से सिर्फ मुझे ही देखना होता है। किसी तरह का सपोर्टिंग स्टाफ नहीं होने के कारण जनरल ओपीडी में भी महिला मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें लग जाती है। ऐसे में दिन की ओपीडी के बाद रात के वक्त पूरे समय ड्यूटी करना संभव नहीं हो पाता। इसलिए 24 घंटे ऑनकॉल रहती हूं। जब कभी भी हमारे सामने हाईरिस्क केस आते हैं तो जच्चा-बच्चा की सुरक्षा का ध्यान रखना सबसे अहम होता हैं, ऐसे में हम उन्हें सुरक्षित प्रसव के लिए रेफर न करें तो और क्या करें। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर्स की कमी इसका सबसे बड़ा कारण है।
3 साल में 20 पत्र, फिर भी स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं
बैरागढ़ सिविल अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति के लिए बीते तीन साल में 20 से अधिक पत्र स्वास्थ्य विभाग को लिखे जा चुके हैं, लेकिन आज तक उनपर कोई कार्रवाई नहीं हुई। तीन साल पहले तक यहां दो महिला विशेषज्ञ थीं, लेकिन 2017 से यहां सिर्फ एक ही महिला विशेषज्ञ की सेवाएं ही मिल पा रही है। आलम यह है कि जनरल ओपीडी में ही लंबी-लंबी कतारें देखी जा सकती हैं। प्रसुताओं को यहां दो-दो घंटे तक लाइन में लगना पड़ रहा है, इसके बाद भी उन्हें इलाज मिल पाएगा इसकी गारंटी नहीं रहती।
{2017 के पहले तक अस्पताल में थीं दो स्त्री रोग विशेषज्ञ
170 डिलेवरी हर माह
25 सीजर डिलेवरी हर माह
200 प्रसूताएं रोजाना आती हैं
1200 से अधिक जनरल ओपीडी
01 स्त्री रोग विशेषज्ञ
जैसा... महिला रोग विशेषज्ञ ज्योति खरे ने भास्कर को बताया
{रात में आने वाली महिला मरीजों को सीधे रेफर करते हैं
रोज 6 डिलेवरी होती हैं यहां
मेन रोड
वार्ड-05