4 साल में भी नहीं बन पाया 4 लाख का ई-कक्ष
पुनासा जनपद की ग्राम पंचायत खैगांव वर्षों से विवादास्पद रही है। यहां पंचायत में ऑनलाइन कार्यों के लिए ई-कक्ष निर्माण हेतु चार लाख रुपए स्वीकृत किए गए थे। सरपंच-सचिव ने इनमें से 3.27 लाख रुपए आहरित कर लिए, लेकिन काम चार साल में पूरा नहीं किया है। अब भी कक्ष का फर्श, पलस्तर, रंगरोगन, बिजली फिटिंग व फर्नीचर आदि के काम शेष हैं। चार दिन बाद 12 मार्च को सरपंच का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। काम से अधिक निकाली गई राशि व अधूरे काम को लेकर ग्रामीणों में संशय की स्थिति है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रदेश के सभी कलेक्टरों को 7 मार्च को आदेश जारी कर पंचायतों के कार्यकाल समापन से पहले खातों से आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकांश पंचायतों का कार्यकाल 12 मार्च को समाप्त हो रहा है। इनमें पुनासा जनपद की खैगांव पंचायत भी शामिल है। पंचायत को ई-कक्ष 2015-16 में स्वीकृत किया गया था। सरपंच व तत्कालीन सचिव ने निर्माण शुरू कराया। कुछ किश्तों में 3 लाख 27 हजार रुपए आहरित कर लिए। लेकिन सिर्फ दीवारें उठाकर काम बंद कर दिया। ग्रामीणों की शिकायत पर भास्कर ने तीन बार मुद्दा उठाया। तब जनपद के सहायक यंत्री मूल्यांकन करने पहंुचे। कार्रवाई के डर से सरपंच ने कुछ इंतजाम कर कक्ष की छत डलवा दी लेकिन उसके बाद फिर काम बंद कर दिया। कक्ष का निर्माण चार साल बाद भी अधूरा पड़ा है।
खैगांव पंचायत का चार साल से अधूरा ई-कक्ष।
तीन सचिव बदले, चौथे
से नहीं बैठी पटरी
खैगांव पंचायत में 4 साल में तीन सचिवों का तबादला हुआ। दिसंबर 2019 में विनोद चौहान की पदस्थी की गई। सरपंच राजू देवलिया से उनकी पटरी नहीं बैठने से तीन माह में एक रुपया भी आहरित नहीं किया गया, जबकि पंचायत के खाते में 6 लाख रुपए जमा हैं। इनमें कपिलधारा कूप सहित अन्य बकाया का भुगतान करना है। रविवार को सचिव चौहान का मोबाइल बंद बताता रहा। जनपद के सहायक यंत्री डीके कैथवास ने कहा ई-कक्ष का मूल्यांकन किया जाएगा।