गांव लौटे 40 लोग, सभी की जांच कराई

Burhanpur News - महाराष्ट्र से लौटे 70 मजदूर, जांच कराई देड़तलाई | जिले में महाराष्ट्र सहित अन्य स्थानों से लोगों का लौटना जारी...

Mar 27, 2020, 08:12 AM IST

महाराष्ट्र से लौटे 70 मजदूर, जांच कराई

देड़तलाई | जिले में महाराष्ट्र सहित अन्य स्थानों से लोगों का लौटना जारी है। गुरुवार शाम 6 बजे महाराष्ट्र के अचलपुर क्षेत्र में काम करने गए करीब 70 मजदूर खेत के रास्तों से पैदल होते हुए देड़तलाई के पास पेट्रोल पंप पहुंचे। उन्हें देखकर खेतों में काम कर रहे लोगों ने पुलिस चौकी में सूचना दी। चौकी प्रभारी शशिकांत गौतम जवानों के साथ मौके पर पहुंचे और मजदूरों से पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने उनके स्वास्थ्य की जांच के लिए सभी को देड़तलाई चेकपोस्ट के लिए रवाना किया। पूछताछ में मजदूरों ने बताया वे काम के लिए अचलपुर गए थे। वहां काम बंद हो गया और खाने-पीने की परेशानी होने लगी। इस कारण वहां से पुलिस प्रशासन ने हमको एक ट्रक में बैठाकर महाराष्ट्र के भोकरबर्डी में छोड़ दिया। हममें से कुछ लोग बुरहानपुर जिले के सागमली, खोदरी और दाहिंदा के थे। दाहिंदा के लोग गांव की ओर निकल चुके थे। इस पर चौकी प्रभारी ने उनकी गांव में ही टीम भेजकर जांच करवाई। अचलपुर से लौटे मजदूरों में सागमली के 27, खोदरी के 14 और दाहिंदा के 15 लोग शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 41 लोगों की जांच की। उनमें किसी तरह का संक्रमण नहीं पाया गया। गांव के सरपंच को बुलवाकर उन पर नजर रखने को कहा गया। वहीं दाहिंदा में 15 लोगों की जांच करने पर 4 लोगों में सर्दी-जुकाम के लक्षण दिखाई दिए। उन्हें शुक्रवार सुबह जांच के लिए बुरहानपुर भेजा जाएगा। रात में चारों को अलग रखने की व्यवस्था करने के लिए सरपंच को कहा गया।

कियोस्क पर सेंटर खोलने का दबाव


बुरहानपुर | एक तरफ कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए हर तरह के जतन किए जा रहे हैं, वहीं गुरुवार से बैंकें खुलने पर अफसरों ने कियोस्क संचालकों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि वे भी सेंटर खोलें लेकिन संक्रमण के डर और लॉकडाउन के कारण संचालक सेंटर नहीं खोल रहे हैं। इसको लेकर विरोध भी जताया जा रहा है। बताते हैं बैंक अपफसरों का कहना है कियोस्क नियमित खोले जाएं और पुलिस सेंटर बंद कराती है तो एनआईसीटी से जारी पत्र उन्हें दिखाएं कि शासन ने सेंटर खोलने की अनुमति दी है। इधर संक्रमण के खतरे को लेकर कियोस्क संचालक चिंतित हैं। उनका कहना है शासन द्वारा दी जा रही वित्तीय सहायता की राशि निकालने के लिए बैंकों और कियोस्क सेंटरों पर दबाव बढ़ेगा। बैंकें अपना दबाव कम करने के लिए चाहती हैं कि कियोस्क के माध्यम से ही पैसा निकले लेकिन कियोस्क संचालकों का कहना है बैंकों के अफसर-कर्मचारी नियमित हैं, वहीं कियोस्क संचालक कमीशनधारी होते हैं। इसके बाद उनकी जिम्मेदारी अधिक होगी। ग्राहकों का दबाव अधिक होगा। ऐसे में संक्रमण का खतरा भी अधिक रहेगा।

दुकानों-पर एक-दूसरे से दूरी का पालन


निंबोला | लॉकडाउन के तहत गुरुवार सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक दुकानें खोलने की छूट मिलने का असर निंबोला क्षेत्र में भी देखने को मिला। दुकानें खुलते ही लोग खरीदी के लिए बाजार में पहुंचे। इस कारण बाजार में खासी भीड़ रही लेकिन हर तरफ सोशल डिस्टेंसी का पालन नजर आया। सुरक्षा के मद्देनजर व्यापारियों ने दुकानों के सामने चूने और गेरू से गोल घेरे बना रखे हैं। उन्होंने ग्राहकों को इनके बीच ही खड़ा रहने को कहा। कई जागरूक लोग खुद ही इन गोलों में खड़े हो गए और एक-दूसरे से दूरी बनाए रखी। मेडिकल स्टोर्स और चक्कियों पर भी इसी नियम का पालन नजर आया। निंबोला थाना प्रभारी रूबीना मिजवानी ने बताया क्षेत्र में घूमकर सभी दुकानदार और लोगों को जरूरी समझाइश दी थी, इसका गुरुवार को असर भी नजर आया।

नहीं लगा हाट बाजार, दो दुकानें पहुंचीं


तुकईथड़ | गुरुवार को प्रशासन द्वारा छूट देने के बाद जरूरी सामान की खरीदी के लिए कई लोग बाजार में निकले। उन्होंने सब्जी सहित अन्य सामान की खरीदी की लेकिन कई लोग बिना मास्क लगाए बाजार में आए। किराना दुकानदारों ने ग्राहकों को एक मीटर की दूरी पर खड़ा कर सामान दिया। उधर गांव में गुरुवार को हाट बाजार नहीं लगा। इसमें सिर्फ दो दुकानें ही पहुंचीं। दोपहर 12 बजे पुलिस ने दुकानें बंद करा दीं। महाराष्ट्र से लौट रहे लोगों के कारण क्षेत्रवासियों में कोरोनावायरस के संक्रमण का डर बना हुआ है।

कोरोना फोटो

निंबोला | निंबोला में भी अन्य शहरों से करीब 40 लोग लौटे हैं। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं। ये सभी लोग हफ्तेभर में गांव पहुंचे हैं। हालांकि इनके स्वास्थ्य की जांच जा चुकी है। ये लोग नागपुर, इंदौर, पुणे, भोपाल और पीथमपुर सहित अन्य स्थानों पर काम करते हैं। टीम ने इन लोगों को हमेशा मास्क लगाने और स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की हिदायत दी। पंचायत सचिव गोपाल महाजन ने बताया टीम में स्वास्थ्य कार्यकर्ता बाला श्रीवासतव, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रंजना हिरडकर, आशा कार्यकर्ता आरती साल्वे और वंदना पाटील शामिल थीं।

नेपानगर |गुरुवार को खरीदी के लिए दी गई छूट के दौरान भीड़ बढ़ने पर प्रशासन सख्त हो गया है। शुक्रवार से सभी दूध, किराना और सब्जी व्यापारियों से दुकानों को बंद रखने को कहा गया है। इसको लेकर गुरुवार शाम को इन व्यापारियों की बैठक ली। उन्हें हिदायत दी गई कि शुक्रवार से कोई भी दुकान न खोलें। एसडीएम विशा माधवानी और एसडीओपी एसआर सेंगर की मौजूदगी में हुई बैठक में व्यापारियों से कहा एक 10 सदस्यीय समिति बनाई गई है। यही सदस्य आमजन तक जरूरी सामग्री पहुंचाने में सहयोग करेंगे। इसके लिए प्रशासन ने 10 सदस्यों की सूची भी जारी की है। इसी तरह दूध दुकान संचालकों से कहा गया कि वे अपने कर्मचारियों के माध्यम से दूध पहुंचाएं। डेयरी नहीं खोलें। सब्जी विक्रेताओं से कहा गया कि सब्जी ठेले के माध्यम से घरों तक पहुंचाई जाए। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष राजेश चौहान, नगर कांग्रेस अध्यक्ष सोहन सैनी, जगमीतसिंह जाॅली, तहसीलदार सुंदरलाल ठाकुर, नायब तहसीलदार परवीन अंसारी, अशोक जायसवाल, रूद्रेश शाह, सचिन गोपनारायण, सीएमओ राजेशकुमार मिश्रा सहित कई व्यापारी मौजूद थे।


दूध, किराना, सब्जी व्यापारियों को आज से दुकानें नहीं खोलने की हिदायत

X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना