65 में से 43 सिग्नल बंद क्योंकि दो कंपनियों का कॉन्ट्रेक्ट खत्म, नतीजा...रोज ट्रैफिक जाम

News - शहर में 65 जगहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगे हैं, इनमें से 43 सिग्नल बंद हैं। इसका एक कारण नवंबर 2018 में 17 सिग्नलों की वैधता...

Bhaskar News Network

Oct 13, 2019, 06:50 AM IST
Bhopal News - mp news 43 out of 65 signals stopped because two companies contract ended result daily traffic jam
शहर में 65 जगहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगे हैं, इनमें से 43 सिग्नल बंद हैं। इसका एक कारण नवंबर 2018 में 17 सिग्नलों की वैधता खत्म होना है। सिग्नल के बंद होने के कारण ऑफिस के समय सुबह और शाम को स्थिति बिगड़ रही है। ऐसे में पीएचक्यू, तलैया, प्रभात पेट्रोल पंप, पिपलानी, पॉलीटेक्निक चौराहा, मोती मस्जिद, रॉयल मार्केट, आनंद नगर तिराहा और नादरा बस स्टैंड तिराहे जैसे प्रमुख मार्ग पर सुबह 10 बजे से लेकर सुबह साढ़े 11 बजे और शाम को साढ़े 5 बजे से रात 8 बजे तक यहां पर ट्रैफिक जाम के हालत रहते हैं। यहां पर किसी वाहन के खराब होने या रांग साइड से जाने पर भी ट्रैफिक जाम हो जाते हैं। ट्रैफिक सिग्नलों की बिगड़ती व्यवस्था को देखते हुए अब इनकी जिम्मेदारी ट्रैफिक को देने की तैयारी कर ली गई है। अभी सिग्नल का रखरखाव करने वाली 4 कंपनियों में से दो की कांट्रेक्ट की अवधि समाप्त हो चुकी है, जबकि दो का क्रमश: 2020 और 21 में हो कांट्रेक्ट खत्म हो जाएगा। नए टेंडर के अनुसार अब भी सिग्नल आईटीएमएस से जोड़े जाएंगे। अगर एक ही जगह इनका कंट्रोल आ जाता है, तो फिर संचालन करने में आसानी होने से जिम्मेदारी तय हो जाएगी।

व्यवस्था बनाने के लिए अब ट्रैफिक पुलिस को जिम्मेदारी देने की तैयारी

टेंडर शर्तों में : सिर्फ मेंटेनेंस का ही है उल्लेख

शिवाजी नगर चौराहे पर बंद ट्रैफिक सिग्नल।

यहां तो सिग्नल चलते ही नहीं

बीआरटीएस के सभी 21 सिग्नल, काली मंदिर तिराहा, पीएचक्यू तिराहा, नादरा बस स्टैंड, पिपलानी पेट्रोल पंप, डिपो चौराहा, त्रिलंगा, वंदे मातरम चौराहा, रॉयल मार्केट, पुराना एसपी ऑफिस, शिवाजी नगर, साढ़े 10 नंबर मार्केट, आनंद नगर, यूनियन काबाईड तिराहा और भोपाल टॉकीज।

सिग्नलों के ठीक न होने के लिए टेंडर की शर्तें जिम्मेदार

टेंडर शर्तों में कंपनी की केवल तकनीकी खराबी पर सिग्नल ठीक किए जाने की शर्त है। ऐसे में किसी वाहन के पोल से टकराने अथवा एक्सीडेंट, किसी एजेंसी के सड़क खोदने के दौरान लाइन काट जाने या अन्य कारणों से लाइन बंद होने पर कंपनी उसे ठीक करने के लिए जिम्मेदार नहीं है।

सिग्नल सिंक्रोनाइज्ड किए जाने की जरूरत

शहर में 65 जगहों पर सिग्नल लगे हैं। इसके साथ ही 43 जगहों पर और सिग्नल प्रस्तावित हैं। भोपाल में अभी तक सिग्नल सिंक्रोनाइज्ड नहीं किए गए हैं। ऐसे में एक सिग्नल पार करने के बाद दोबारा रेड सिग्नल मिलने पर वाहन चालक का समय बर्बाद होता है। उदाहरण के तौर पर बोर्ड ऑफिस से प्रगति या ज्योति की तरफ जाने पर महज 100 मीटर पर ही सिग्नल मिलता है। सिग्नल सिंक्रोनाइज्ड नहीं होने से वाहन चालकों को यहां रुकना पड़ता है।

सिर्फ दो ही कंपनियां कर

रहीं हैं रखरखाव



कुल सिग्नल - 65

22 ऊर्जा विकास निगम के सिग्नल लगे हैं शहर में।

43 नगर निगम के।

43 नए प्रस्तावित सिग्नल।

शहर में किस कंपनी के कितने सिग्नल


(27 नवंबर 2018 में रख-रखाव की अवधि खत्म)।




ट्रैफिक पुलिस की स्थिति

95 ट्रैफिक पुलिस के पाइंट।

2 पुलिस कर्मियों को लगाना पड़ता है अलग से। सिग्नल खराब या बंद होने पर।

856 ट्रैफिक पुलिस का स्वीकृत बल।

455 ट्रैफिक पुलिस का उपलब्ध बल।

401 कुल कमी

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