- Hindi News
- National
- Indore News Mp News 48 Pregnant Deaths In Ten Months Cause Pre Eclampsia Hepatitis E Jaundice
दस महीने में 48 गर्भवती की मौत, वजह प्री एक्लेम्पसिया, हेपेटाइटिस-ई, पीलिया बताई
अप्रैल 2019 से फरवरी 2020 के दौरान जिले में 48 गर्भवती महिलाओं की मौत हुई है। इसकी प्रमुख वजह प्री-एक्लेम्पसिया, हेपेटाइटिस-ई, पीलिया व उच्च रक्तचाप पाया गया। यह जानकारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूर्णिमा गडरिया ने मातृ मृत्यु दर को लेकर कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक में दी। इस पर कलेक्टर ने कहा कि हमारा लक्ष्य मातृ मृत्यु दर में निरंतर कमी लाना होना चाहिए। इसके लिए देश में न्यूनतम मातृ मृत्यु दर वाले जिले को बेंचमार्क के रूप में स्थापित करना जरूरी है। इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन पावर, मशीनें या स्किल्ड मैन पावर हो। इसके लिए प्रोटोकॉल स्थापित करना जरूरी है।
महिला दिवस: चाइल्ड लाइन ने बांटी सैनिटरी नैपकिन
इंदौर| अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर चाइल्ड लाइन ने बालिकाओं को स्वच्छता का महत्व बताते हुए सैनिटरी नैपकिन बांटे। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारियों ने बालिकाओं को विभिन्न विषयों पर जानकारी देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। टीम की ब्रज सुलेखे ने बताया कि आज की महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे
नहीं हैं। सोनाली सिनकर ने बालिकाओं को चाइल्ड लाइन नंबर 1098 की जानकारी देते हुए उन्हें गुड टच व बैड टच के बारे में समझाया। रवीना पटेल ने बाल विवाह से होने वाली परेशानियों के बारे में विस्तार से बताया।
जिन लोगों की लापरवाही से मौत हुई, उन्हें तत्काल हटाया जाए
आशा, एएनएम, मेडिकल ऑफिसर व डॉक्टर के बीच सही संवाद स्थापित होने से गर्भवती बेवजह की परेशानियों से बच जाएंगी। सप्ताह में सातों दिनों सोनोग्राफी की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके लिए गर्भवती को भटकना न पड़े। ऐसे डॉक्टर, एएनएम, आशा व मेडिकल ऑफिसर को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए जिनकी लापरवाही की वजह से गर्भवती महिला की मृत्यु हुई है। स्वास्थ्य अधिकारियों को यह भी कहा कि अस्पतालों में बेवजह रैफरल नहीं होना चाहिए। इंदौर तुलनात्मक दृष्टि से ठीक स्थिति में है, लेकिन हमारा उद्देश्य और बेहतर की ओर बढ़ना और देश में न्यूनतम मृत्यु दर वाला जिला बनने का है।