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आचार्य विद्यासागरजी ने दिया देश के लिए संदेश कोरोना वायरस से बचना है तो शांति विधान करो

एक वर्ष पहले
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देश-दुनिया में महामारी का रूप ले चुकी कोरोना वायरस बीमारी से बचने के लिए आचार्य विद्यासागर महाराज ने कहा कि सभी मंदिरों में शांति विधान किया जाए।

यह जानकारी देते हुए संघ के प्रमुख ब्रह्मचारी सुनील भैया, अतुल पाटोदी ने बताया शुक्रवार शाम 6 बजे संघ के सभी संत (मुनिराज) ने आचार्यश्री को इस बीमारी के देश में फैलने की सूचना दी थी। इसके साथ ही आचार्यश्री से निवेदन किया कि कैसे इस बीमारी को रोका जाए, इसका उपाय आप संदेश के माध्यम से दें, जिससे देश-दुनिया में शांति स्थापित हो सके। इस पर आचार्यश्री ने कहा कि इंदौर सहित पूरे प्रदेश और देश में जहां भी मंदिर हैं, वहां पर शांति विधान किए जाए। इसके साथ ही शांति मंत्र का जाप सभी लोग करें। इससे पूरे विश्व में यह रोग मिटता जाएगा। आचार्यश्री ने कहा कि भारत के साथ विश्व में जहां भी यह रोग फैला है वहां के लोग यदि इस मंत्र-

‘ओम ह्री अर्हम अ सि आ उ सा सर्व शांति कुरु कुरु स्वाहा’

का निरंतर जाप करेंगे तो यह रोग दूर होता जाएगा या लोगों को यह रोग नहीं होगा।

प्रवचन में कहा- जितने में गुजारा हो, उतने में ही संतुष्ट रहना चाहिए

आचार्य विद्यासागर महाराज ने शुक्रवार को रेवती रेंज स्थित प्रतिभा स्थली में प्रवचन में कहा- सबसे बड़े अवगाहन वाला यदि कोई जीव है तो एक हजार योजन वाला वह मच्छ है। वह जब कभी भी समुद्र में निद्रा में रहता है तब उसका मुंह खुला रहता है और उसमें हजारों छोटी-बड़ी मछलियां आती रहती हैं। इस दृश्य को उसके कान में बैठी तंदूर मच्छ देखती है वह सोचती है कि कितना पागल है ये कि इसके मुंह में से हजारों मछलियां आ-जा रही हैं ओर यह खा नहीं रहा। यदि मैं इसके स्थान पर होती तो एक मछली को भी नहीं छोड़ती। वह एक मछली को भी पकड़ नहीं सकती, लेकिन उसने उसके भावों द्वारा काम तमाम कर लिया। उन्होंने आगे कहा- अब बताओ कौन-कौन व्यक्ति चक्रवर्ती बनना चाहता है? सब अपना हाथ उठा दिए हो, लेकिन क्षमता तो किसी में नहीं है। आपके हाल भी तंदूर मच्छ की तरह हैं। मिला नहीं तब तक तो ठीक है, लेकिन मिल जाए तो और आ जाए ऐसा सोचते रहते हो। पेट भरा हो, फिर भी और नाश्ते का सोचते हो, इसलिए जितने में गुजारा हो उतने में ही संतुष्ट रहना चाहिए। धर्मसभा का संचालन ब्रह्मचारी सुनील भैया ने किया। प्रवचन में बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद थे।

वर्षीतप के तपस्वियों के बहुमान के साथ आदिनाथ जन्म कल्याणक महोत्सव शुरू

प्रवचन देते विद्यासागरजी।

अखिल भारतीय श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक युवक महासंघ की इंदौर इकाई द्वारा भगवान श्री आदिनाथ के जन्म-दीक्षा कल्याणक महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार सुबह गुमाश्ता नगर स्थित सीमंधर स्वामी मंदिर में वर्षीतप के 28 महिला-पुरुष तपस्वियों के बहुमान के साथ हुआ। महोत्सव में 16 मार्च को पीपली बाजार स्थित सफेद मंदिर से सुबह 8.30 बजे दादा आदिनाथ की पालकी यात्रा निकाली जाएगी। महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील गांग, संरक्षक संजय मोगरा, नीलेश सकलेचा आदि ने तपस्वियों को माला, स्मृति चिह्न एवं प्रभावना भेंटकर उनकी अनुमोदना की।
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