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प्रशासन की घर-घर सामान पहुंचाने की व्यवस्था फेल, एक ही जगह खड़े रहे सब्जी-फल के ठेेले, भिंड के 700 मजदूर दूसरे जिलाें में जाएंगे

Bhind News - कोरोना संदिग्ध कन्हैया के गुलाब बाग मोहल्ले में पहुंची स्वास्थ्य टीम 150 घरों में 750 लोगों की स्क्रीनिंग, साथ...

Mar 27, 2020, 06:26 AM IST

{कोरोना संदिग्ध कन्हैया के गुलाब बाग मोहल्ले में पहुंची स्वास्थ्य टीम

{150 घरों में 750 लोगों की स्क्रीनिंग, साथ ही कराया सेनिटाइजेशन

कोरोना से निपटने के लिए पांच दिन से चल रहे लॉकडाउन के बीच घरों में खाद्य पदार्थों का संकट उपजने लगा है। वहीं प्रशासन द्वारा होम डिलेवरी के लिए जिन दुकानदारों के नंबर सार्वजनिक किए गए हैं वे लोगों को होम डिलेवरी देने से साफ इंकार कर रहे हैं। स्थिति यह रही कि पांचवें दिन गुरुवार को प्रशासन की योजना के अनुसार न तो मौहल्लों में फल सब्जियों के ठेले पहुंचे और न ही किराना का सामान। परिणामस्वरूप लोगों को मजबूरन घरों से बाहर निकलकर खान पान की सामग्री खरीदने के लिए निकलना पड़ा।

वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आव्हान पर लोग घरों में कैद हो गए हैं। लेकिन अब उनके सामने खान पान की सामग्री का संकट खड़ा हो गया है। वजह यह है कि पिछले पांच दिन (22 मार्च) से लगातार भिंड जिले में लॉकडाउन चलने की वजह से कई घरों में सब्जी, किराना सामग्री की आवश्यकता महसूस होने लगी है। हालांकि प्रशासन ने इसके लिए होम डिलेवरी की व्यवस्था भी बनाई। लेकिन दुकानदारों द्वारा ग्राहकों को होम डिलेवरी देने से साफ इंकार कर दिए जाने से उनके सामने संकट खड़ा हो गया है। गुरुवार को जब इस प्रकार की शिकायतें दैनिक भास्कर में आई तो खुद भास्कर ने इसकी पड़ताल की। प्रशासन द्वारा जारी किए सब्जी, किराना व्यापारियों काे फोन लगाकर ऑर्डर दिया गया तो कुछ दुकानदारों ने जहां लेबर न होने की बात कहकर होम डिलेवरी देने से मना कर दिया तो कई लोगों ने फोन ही नहीं रिसीव किया।

भिंड, इटावा, जालौन और अंचल के 600 लोगों को स्पेशल ट्रेन से ग्वालियर लाया गया


भिंड सहित इटावा, जालौन और ग्रामीण अंचल के 600 लोग जो दूसरे जिलों में फंसे हुए थे। उन्हें प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद झांसी डीआरएम की ओर से स्पेशल ट्रेन भेजकर ग्वालियर स्टेशन लाया गया। वहीं इन लोगों को घरों पर भेजने से पहले उनकी स्क्रीनिंग के लिए भिंड सीएमएचओ डॉ अजीत मिश्रा की ओर से डॉ अतुल शर्मा, एनएमएस रमाशंकर शर्मा, एएनएम पीके वाजपेयी, स्टाफ नर्स मंजू तोमर और बीईई राजवीर सिंह की विशेष टीम बनाकर ग्वालियर भेजा गया। इनके द्वारा ग्वालियर स्टेशन के बुकिंग काउंटर नंबर दो पर स्टॉल लगाकर बाहर से आए लोगों की जांच की गई, जिसमें करीब 8 लोगों का तापमान अधिक होने की वजह से उन्हें अलग बैठा दिया गया है। जबकि शेष लोगों को बसों के द्वारा उनके घरों के लिए रवाना किया गया है।


भास्कर पड़ताल... ये 7 उदाहरण... जो खोलते हैं प्रशासन की होम डिलेवरी की पोल

1. किराना व्यापारी शांतिलाल संजय कुमार जैन के मोबाइल नंबर 9826436871 पर दोपहर 12.15 बजे जब भास्कर ने फोन लगाकर ऑर्डर किया तो उन्होंने कह दिया कि उनके पास होम डिलेवरी के लिए लड़के नहीं हैं, सामान लेने खुद आना पड़ेगा।

2. अमित किराना स्टोर पुस्तक बाजार के मोबाइल नंबर 8962359840 के फोन पर जब ऑर्डर किया गया तो उन्होंने भी सीधा जवाब दिया कि उनके लड़कों को अभी पास नहीं मिले हैं, जब पास मिलेंगे तब डिलेवरी देंगे।

3. सब्जी के लिए जब गब्बर राइन ट्रेडर्स सब्जी मंडी के मोबाइल नंबर 9893008786 पर फोन लगाया गया तो उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उनका नंबर गलत छपवा दिया, उनके साथ ऐसी कोई मीटिंग नहीं हुई है।

4. न्यू सिंघई किराना स्टोर इटावा रोड के मोबाइल नंबर 9826510577 पर फोन लगाया गया तो उन्होंने कहा कि उनके लड़कों को अभी पास जारी नहीं हुए हैं, जब जारी होंगे तब होम डिलेवरी देंगे।

घर-घर पहुंचने के बजाए एक जगह खड़े रहे ठेले

सब्जी और फलों की आपूर्ति के लिए बुधवार को नगरपालिका से 120 हाथ ठेला वालों को पास जारी किए गए। साथ ही प्रत्येक वार्ड में दो सब्जी के ठेला और एक फल के ठेला को घर घर भेजने के लिए ड्यूटी लगाई। लेकिन गुरुवार को ऐसा नहीं हुआ। लोग सब्जी और फल के ठेला आने का इंतजार करते रहे। जबकि अधिकांश ठेला सड़क किनारे एक जगह खड़े होकर अपनी बिक्री करते रहे।


ऐसे कैसे रुकेगा संक्रमण... घरों के अंदर नहीं रह रहे, मोहल्लों में चौपाल लगा रहे लोग

जिला एवं पुलिस प्रशासन ने भले ही लॉक डाउन के दौरान शहर के मुख्य बाजारों और सड़कों पर सन्नाटे की स्थिति कायम कर दी है लेकिन गली मौहल्लों में लोग घरों के अंदर बैठने के बजाए बाहर चौपाल लगाकर गपशप कर रहे हैं। ऐसे में कोरोना का संक्रमण फैलने की आशंका ज्यादा है। वहीं पुलिस प्रशासन गली मौहल्लों में बेवजह की चौपाल लगाने वालों पर सख्ती नहीं दिखा रहा है।

{इनकी हुई स्क्रीनिंग... स्पेशल ट्रेन से लाए गए 600 लोगों की ग्वालियर में की स्क्रीनिंग, 8 का तापमान अधिक होने से अलग बैठाया, शेष को भिंड, इटावा और जालौन भेजा


{अब ये समस्या... प्रशासन ने किराना, दूध व्यापारियों के जो नंबर सार्वजनिक किए उन पर फोन लगाने पर होम डिलेवरी के लिए दुकानदार कर रहे इनकार

पंप बंद, पेट्रोल-डीजल को परेशान हो रहे लोग


बाहर से आए लोगों का चेकअप करने भिंड से ग्वालियर रवाना होती डॉक्टरों की टीम।

भिंड से 700 मजदूरों को भेजा जाएगा टीकमगढ़, झांसी और निवाड़ी: इधर भिंड शहर के बायपास रोड नई गल्ला मंडी के पास रुके 700 मजदूरों को जिला प्रशासन ने उनके घर टीकमगढ़, निवाड़ी और झांसी भेजने की तैयारी की है। दरअसल यह मजदूर रोजगार के लिए भिंड आए थे। लेकिन लॉकडाउन के दौरान मजदूरी के साथ खान पान का संकट उपजने के बाद वे वापस घर जाने के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे थे। ऐसे में भिंड एसडीएम इकबार मौहम्मद ने आरटीओ से बस की व्यवस्था कराकर उन्हें वापस घर भेजने की तैयारी की है।


5. राखी किराना स्टोर पुस्तक बाजार के फोन नंबर 9826731138 पर जब भास्कर ने फोन लगाया तो वह लगातार स्विच ऑफ आता रहा।

6. देव किराना स्टोर पुस्तक बाजार के मोबाइल नंबर 9755455451 पर जब भास्कर ने फोन लगाया तो उन्होंने कहा कि उनके पास माल ही नहीं है।

7. शहर के घर गृहस्थी किराना स्टोर पुस्तक बाजार के फोन नंबर 9826432716 पर फोन लगाया गया तो उन्होंने फोन ही रिसीव नहीं किया।

ये तो लापरवाही है... अस्पताल के सामने पास-पास खड़े होकर दवा खरीदते रहे लोग

भिंड शहर में िजला अस्पताल के सामने मेडिकल स्टोर पर पास-पास खड़े होकर दवाएं खरीदते लोग।

_photocaption_इधर... कोरोना संदिग्ध होने की सूचना पर प्रतापपुरा में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम*photocaption*

गुरुवार को अटेर क्षेत्र के प्रतापपुरा में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरोना संदिग्ध होने की सूचना पर पहुंची। जहां युवक की जांच की गई। बताया जा रहा है कि उक्त युवक तीन से चार दिन पहले जिला अस्पताल आया था और स्वयं को कोरोना के लक्षण बताकर उसने जांच भी कराई थी। लेकिन स्क्रीनिंग में लक्षण न पाए जाने पर उसे घर भेज दिया था। वहीं गुरुवार को स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी कि उसे परेशानी है। इस पर टीम प्रतापपुरा पहुंची।


लॉक डाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं में शामिल पेट्रोल डीजल की किल्लत भी बढ़ गई है । जिला प्रशासन द्वारा जिले के पेट्रोल और डीजल पंप बंद करा दिए जाने के बाद जहां नौकरीपेशा लोग ऑफिस आने जाने के लिए पेट्रोल के लिए भटक रहे हैं। वहीं खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल की कटाई के लिए किसानों को भी डीजल नहीं मिल रहा है। स्थानीय लोगों ने इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से पेट्रोल डीजल पंप खुलवाने की मांग भी की है। लेकिन प्रशासन ने इस संबंध में अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है।

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