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मन्नत पूरी होने पर अंगारों पर चले लोग

एक वर्ष पहले
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धुलेंडी के दूसरे दिन खेड़ी में लगा पारंपरिक चूल का मेला

शहर से 2 किमी दूर निवाली तहसील के खेड़ी गांव में बुधवार को धुलेंडी के दूसरे दिन पारंपरिक मेला लगा। इसे चूल का मेला कहा जाता है। इस मन्नत पूरी होने के बाद लोग अंगारों पर नंगे पैर चले। मेले में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। झूलों का लुत्फ उठाया। खाद्य पदार्थों की सामग्री की दुकानों पर खरीदी भी की। हर साल की तरह इस वर्ष भी धुलेंडी के दूसरे दिन मेले का आयोजन किया गया।

मान्यता के अनुसार गांव का बड़वा पूजापाठ कर यहां खेर की लकड़ी से आग जलाता है। लकड़ी के जलने के बाद उससे बनी अंगार पर मन्नत पूरी होने वाले लोग नंगे पैर चलते हैं। अंगारों पर बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग लोग चलते हुए नजर आए। इसके बाद भी किसी के पैर जेल नहीं। मेले को लेकर ग्रामीण थाना पुलिस तैनात रही। इसी तरह कंुजरी में धुलेंडी के दिन मेले का आयोजन किया गया।

मेले में जली हुई लकड़ी के अंगारों पर नंगे पैर चलते लोग।
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