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अपने स्कूल के बच्चों की परीक्षा ले रहे हैं अरण्य स्कूल के शिक्षक**

एक वर्ष पहले
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पांचवीं की बोर्ड परीक्षाएं भले ही बोर्ड पैटर्न पर हो रही हैं, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी ही इसकी गंभीरता पर सवाल खड़े कर रहे हैं। मामला पर्यवेक्षकों की ड्यूटी का है। जहां विजयनगर संकुल में एक परीक्षा केंद्र में उसी स्कूल में पदस्थ शिक्षकों को पर्यवेक्षक बना दिया गया, जबकि नियमानुसार नहीं होना था।

डीईओ आरके मकवानी ने 5 मार्च 2020 को पांचवीं-आठवीं की वार्षिक परीक्षाओं को लेकर सभी डीपीसी और संकुल प्राचार्यों को आदेश जारी किया था। इसमें कहा गया था कि परीक्षा केंद्र पर जिस स्कूल के विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हों, वहां उस स्कूल के शिक्षकों को पर्यवेक्षक नियुक्त नहीं किया जाए। यानी जिस स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया गया है और वहां उस स्कूल के बच्चे भी परीक्षा दे रहे हैं, तो वहां कार्यरत शिक्षक परीक्षा नहीं लेंगे।

विजय नगर संकुल में शासकीय प्राइमरी स्कूल-30 अरण्य को प्राइमरी परीक्षा का केंद्र बनाया गया है। इसी स्कूल में सहायक शिक्षक संगीता शर्मा और प्राथमिक शिक्षक सुनीता भालसे भी पदस्थ हैं। विजय नगर संकुल प्राचार्य ने इन दोनों शिक्षकों को उक्त परीक्षा केंद्र पर पर्यवेक्षक बना दिया, जबकि वहां अरण्य प्राइमरी स्कूल-30 के 100 से ज्यादा विद्यार्थी भी परीक्षा दे रहे हैं। बता दें कि पांचवीं की परीक्षा 4 मार्च से शुरू हुई है। यह 26 मार्च तक चलेगी। अभी तक हिंदी और अंग्रेजी का पर्चा हुआ है।

गलती से बना दिए पर्यवेक्षक

यह सही है कि जिस स्कूल में वहीं के बच्चे परीक्षा दे रहे हैं, वहां के शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगाई जा सकती। यदि ऐसा करना पड़े तो भी हम यह ध्यान रखते हैं कि वे पर्यवेक्षक उस कमरे में नहीं जाएंगे, जहां वहां के बच्चे परीक्षा दे रहे हैं। अरण्य स्कूल के मामले में गलती से वहीं के दो शिक्षकों को पर्यवेक्षक बना दिया गया था।

शबाना शेख, प्राचार्य विजय नगर संकुल

प्राचार्य से जानकारी लेता हूं

अरण्य स्कूल-30 परीक्षा केंद्र पर वहीं के शिक्षकों को पर्यवेक्षक क्यों बनाया, इसकी जानकारी प्राचार्य से लेता हूं। उनसे रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आरके मकवानी, प्रभारी डीईओ

शिक्षक की भूमिका की चर्चा

अरण्य स्कूल में वहीं की शिक्षिकाओं की ड्यूटी लगाने के पीछे वहीं के किसी शिक्षक की भूमिका की चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक अरण्य स्कूल में बड़ी तादाद में प्राइवेट फॉर्म भरने वाले बच्चे भी परीक्षा दे रहे हैं। वहां अपने हिसाब से व्यवस्थाएं की जा सकें, इसलिए पर्यवेक्षकों की सूची में उक्त दोनों शिक्षिकाओं का नाम डलवाया गया।

अरण्य प्राइमरी स्कूल-30 में वहीं की दो शिक्षिकाओं को पर्यवेक्षक बना दिया गया**

बोर्ड पैटर्न पर हो रही पांचवीं की वार्षिक परीक्षा में विजयनगर संकुल के अरण्य-30 प्राइमरी स्कूल परीक्षा केंद्र पर वहीं पढ़ाने वाले शिक्षकों को पर्यवेक्षक बना दिया। ये हालात तब बने, जब डीईओ इस बारे में आदेश जारी कर चुके थे कि ऐसा नहीं किया जाए।

डीईओ के आदेश की अवहेलना, विजयनगर प्राचार्य ने नियमों को किया दरकिनार**

पास-पास बना दिए दो परीक्षा केंद्र

अरण्य स्कूल-30 परीक्षा केंद्र के पास ही छत्रसाल गर्ल्स हाई स्कूल है। वहां भी प्राइमरी के बच्चों की परीक्षा हो रही है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जब छत्रसाल स्कूल में परीक्षा हो रही है तो अरण्य प्राइमरी स्कूल को अलग से केंद्र बनाने की जरूरत नहीं थी। इसके पीछे भी विभाग के किसी शिक्षक का प्रभाव बताया जा रहा है। उसी ने हाई स्कूल के बावजूद अरण्य के प्राइमरी स्कूल-30 को भी परीक्षा केंद्र बनवा दिया।

{पांचवीं बोर्ड की परीक्षा में नियमों की अवहेलना**
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