- Hindi News
- National
- Indore News Mp News Attendance Will Be Available On 75 Attendance From Aadhaar Link Biometric Machine
आधार लिंक बॉयोमेट्रिक मशीन से लगेंगी अटेंडेंस 75% हाजिरी पर ही मिलेगा योजना का फायदा
कॉलेजों में 2020-21 सत्र से विद्यार्थियों की अटेंडेंस आधार लिंक बॉयोमेट्रिक मशीन के जरिये लगेगी। खास बात यह है कि प्रदेश सरकार की सभी कैटेगिरी (एससी, एसटी, ओबीसी) की स्कॉलरशिप और मेधावी-गांव की बेटी, संबल सहित सभी योजनाओं का फायदा भी 75 फीसदी उपस्थिति के आधार पर ही मिलेगा, यानी 75 फीसदी से कम उपस्थिति होने पर छात्र को न तो स्कॉलरशिप मिलेगी और न किसी योजना का फायदा मिलेगा। तैयारी तो यह भी है कि कम उपस्थिति के छात्रों को परीक्षा से वंचित भी कर दिया जाएगा। ऐसा संभवत: पहली बार होगा जब सरकारी, अनुदान प्राप्त और निजी, तीनों ही तरह के कॉलेजों में अटेंडेंस को लेकर इतनी सख्ती होगी।
कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव ने इसे लेकर इंदौर के सभी कॉलेजों को आदेश भी जारी कर दिया है। सभी कॉलेजों को 1 जुलाई से पहले संभवत: 1 जून तक आधार लिंक बॉयोमेट्रिक मशीन लगाना होगी। कॉलेजों को 15 दिन का समय ट्रायल के लिए भी दिया जाएगा। तकनीकी दिक्कत आने पर तत्काल कलेक्टर को सूचना दी जाएगी। जल्द शासन स्तर पर ट्रेनिंग भी होगी, जिसमें प्राचार्यों को योजना की गंभीरता और तकनीकी उलझनों से निपटने के बारे में बताया जाएगा।
इसलिए लिया फैसला : क्लास लगें और पढ़ाई की गुणवत्ता में बड़ा सुधार हो
हायर एजुकेशन के मामले में मध्य प्रदेश लगातार पिछड़ रहा है। ड्रॉप आउट रेशो भी बढ़ रहा है। ऐसे में शासन क्वालिटी एजुकेशन के लिए एक साल में कई ठोस कदम उठा चुका है। इंफ्रास्ट्रक्चर बदलाव के लिए रूसा और वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट के तहत इंदौर सहित प्रदेशभर के सरकारी कॉलेजों को 200 करोड़ रुपए तक की ग्रांट दी जा रही है। प्रदेशभर के 457 सरकारी कॉलेजों में 2500 से ज्यादा सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की जा चुकी है। हर साल 500 नए सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति का भी आश्वासन दिया जा चुका है। ऐसे में अब अगला कदम अटेंडेंस की अनिवार्यता को लेकर उठाया गया है, ताकि क्लासेस लगें और पढ़ाई की गुणवत्ता में बड़ा सुधार हो।
इससे फर्जी स्कॉलरशिप पर रोक लगेगी : प्राचार्य मंच
प्राचार्य मंच के अध्यक्ष प्रो. डीपी मिश्रा ने कहा कि यह क्वालिटी एजुकेशन की दिशा में उठाया गया अच्छा कदम है। इसे तीस साल पहले लागू हो जाना था। अगर इसका सही पालन होता है तो कॉलेजों में 100 फीसदी उपस्थिति दिखेगी और यह क्वालिटी एजुकेशन के लिहाज से बहुत बड़ा निर्णय साबित होगा। यही नहीं, फर्जी स्कॉलरशिप पर भी पूरी तरह से रोक लग जाएगी।
प्राचार्य को हर छात्र की अटेंडेंस की रिपोर्ट बनाकर ऑनलाइन सरकार को भेजना होगी
प्राचार्य को हर छात्र की अटेंडेंस की रिपोर्ट बनाकर ऑनलाइन भेजना होगी। जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी। रिपोर्ट न केवल उच्च शिक्षा विभाग, बल्कि कलेक्टर को भी भेजी जाएगी। जिन छात्रों की अटेंडेंस पूरी नहीं होगी, उन्हें मेधावी योजना, नियमित स्कॉलरशिप, गांव की बेटी और अन्य करीब 10 स्कीम का फायदा नहीं मिलेगा। इस सख्ती का असर नए सत्र से इसलिए भी दिखेगा, क्योंकि स्कॉलरशिप और सारी सरकारी योजनाओं को सीधे ही उपस्थिति से जोड़ दिया गया है। ऐसे में सरकारी कॉलेजों में बीकॉम, बीए, बीएससी और बीबीए जैसे यूजी तथा एमकॉम, एमए और एमएसससी जैसे पीजी कोर्स में भी 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य होगी।