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भोंगर्या हाट: ढोल-मांदल व बांसुरी की आवाज पर झूमे आदिवासी समाजजन, पारंपरिक वेशभूषा में तीर-कमान लिए आए युवा

एक वर्ष पहले
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शहर में रविवार को भोंगर्या हाट लगा। इसमें शहर के आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाजजन होली की खरीदी करने पहुंचे। विधायक ने भोंगर्या में मांदल बजाया और समाजजनों के साथ नृत्य भी किया। पारंपरिक वेशभूषा में आई महिलाओं ने हाट में खरीदी की। कन्नड़गांव के तेजा सिंह ने घोड़े पर सवार होकर करतब भी दिखाए।

भोंगर्या हाट में आदिवासी संस्कृति के विभिन्न रंग नजर आए। दोपहर 1 बजे से किला परिसर में लगे भोंगर्या हाट में भीड़ आना शुरू हुई। जो शाम तक हजारों की संख्या में बदल गई। आदिवासी छात्र संगठन ने पारंपरिक वस्त्र धारण कर पैरों में घुंघरू बांधकर भोंगर्या गीतों पर नृत्य किया। वहीं विधायक ग्यारसीलाल रावत ने भी मांदल बजाकर समाजजनों के साथ नृत्य किया। समाज की महिला और युवतियां चांदी के आभूषण पहनकर हाट में शामिल हुई। कन्नड़गांव के तेजासिंह घोड़े पर सवार होकर प|ी के साथ भोंगर्या में पहुंचे। उन्होंने पहले बेटे को घोड़े पर बैठाया बाद में स्वयं बैठकर करतब करके दिखाए। लोगों ने तेजासिंह के दिखाए गए करतबों का वीडियो भी बनाया।

भोंगर्या हाट में लगी खाद्य सामग्री की दुकानों पर गुड़ सेव, हार कंगन, खजूर, संतरे आदि की खरीदी की। महिलाओं ने सौंदर्य प्रसाधन के लिए चूड़ियां और ज्वेलरी भी खरीदी। शाम 6 बजे तक लोग मांदल की धुन पर थिरकते हुए नजर आए। भोंगर्या हाट में आदिवासी संस्कृति की झलक नजर आई। इसमें शहर सहित आसपास के विभिन्न गांवों से लोग शामिल हुए। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस तैनात रही।

हाट में शाम तक रही भीड़, पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं विधायक

युवाओं ने झूलों का लिया आनंद, ढोल की थाप पर नृत्य किया, एक-दूसरे को गुलाल लगाया

पानसेमल | नगर में रविवार को भोंगर्या हाट का आयोजन हुआ। इसमें विधायक चंद्रभागा किराड़े पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं। वहीं ढोल की थाप पर नृत्य भी किया। भोंगर्या हाट में सुबह 10 बजे से नगर सहित आसपास के गांवों से आदिवासी समाजजनों का आना शुरू हो गया था। शाम 5 बजे तक भोंगर्या हाट में भीड़ रही।

इस दौरान युवक-युवतियों ने झूलों का आनंद लिया। साथ ही ठंडाई व आईसक्रीम खाई। लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाया। साथ ही होली की सामग्री की खरीदी की। भोंगर्या हाट के दौरान नगर में पुलिस ने यातायात व सुरक्षा व्यवस्था संभाली। नगर परिषद के माध्यम से 20 से ज्यादा स्थानों पर पानी की व्यवस्था की गई है। देवधर के सरपंच जुलाल वसावे ने बताया कि भोंगर्या हाट का समाज में अपना अलग ही महत्व है। समाजजन भोंगर्या हाट में एकत्र होकर एक-दूसरे से मिलते हैं। वहीं होली का उत्सव मनाते हैं। ढोल की थाप पर नृत्य करके आनंद लेते हैं। इस दौरान समाज के सभी वरिष्ठ एसएस पावरा, थानसिंह पवार, शिवजी आर्य, एसडीएम सुमेरसिंह मुजाल्दा, थाना प्रभारी छगनसिंह बघेल, प्रकाशचंद्र जैन, अरविंद बागुल, प्रतापसिंह चौहान, चिंटू किराड़े, अमित शर्मा, सुनील पाटिल सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद थे।

एक दूसरे को गुलाल लगाया, ढोल की थाप पर किया नृत्य

खेतिया | नगर में भोंगर्या हाट में नगर सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाजजन शामिल हुए। युवा पारंपरिक वेशभूषा में ढोल की थाप पर नृत्य करते दिखे। वहीं लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। साथ ही होली की सामग्री की खरीदी की। कार्यक्रम के संयोजक श्याम वास्कले ने बताया कि सर्वप्रथम थाना परिसर में एसडीएम सुमेरसिंह मुजाल्दा, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, टीआई राजेंद्र इग्ले ने तिलक लगाकर समाजजनों का स्वागत किया। इस दौरान समाजजनों ने ढोल की थाप पर नृत्य किया। कार्यक्रम में विधायक चंद्रभागा किराड़े, कैलाश पंवार, जोगीलाल भोसले, मुख्य पटेल सीलदार डुडवे सहित बड़ी संख्या में समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए।

भोंगर्या सिर्फ होली सामग्री खरीदने के लिए हो, फिजूल खर्च रुके

आदिवासी छात्र संगठन के विजय सोलंकी ने बताया हर साल की तरह इस वर्ष भी छात्र अपनी पारंपरिक वेशभूषा धारण कर आदिवासी संस्कृति को ज़िंदा रखने के लिए भोंगर्या हाट में शामिल हुए। उन्होंने लोगों से फिजूल खर्च पर रोक लगाने की मांग की। भोंगर्या सिर्फ होली की खरीदी के लिए लगने वाला हाट है। इसमें फोटोग्राफर, सौंदर्य सामग्री सहित झूले, जुएं की दुकान और शराब की दुकानें चलती है। इसका विरोध कर भोंगर्या हाट में इसे बंद करने की मांग की गई।

हाट में आदिवासी संस्कृति के विभिन्न रंग नजर आए, शहर व आसपास के कई गांवों से लोग हुए शामिल

इधर... विधायक भी थिरकीं।

किला परिसर में लगे भोंगर्या हाट में पहुंचे हजारों लोग ।

बांसुरी बजाकर झूमते समाजजन।

पहली बार एसपी ने भी किया भोंगर्या हाट का भ्रमण


जिले के एसपी डीआर तेनिवार ने भी भोंगर्या हाट का भ्रमण कर स्थिति देखी। उन्होंने कहा बड़वानी से ज्यादा भीड़ सेंधवा में नजर आई। उन्होंने कहा आदिवासी समाज में नागलवाड़ी थाना पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था।

मवेशियों से लोगों को हुई दिक्कत

किला परिसर में भोंगर्या हाट में मवेशियों की परेशानी देखने को मिले। मवेशियों के दौड़ने से भीड़ में भगदड़ की स्थिति बनी। नपा ने इसको लेकर व्यापक इंतजाम नहीं किए थे। इससे लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। नपा को पानी पेयजल व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन पेयजल के कोई इंतजाम नहीं दिखे। किले गेट पर राजू चौधरी ने लोगों को पानी पिलाया।
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