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पहली बार थाने के पीछे मैदान में लगा भोंगर्या हाट, 15 हजार से ज्यादा लोग हुए शामिल
नगर में पहली बार खेतिया रोड स्थित थाने के पीछे वाले मैदान में भोंगर्या हाट लगा। साल का अंतिम भोंगर्या हाट होने से यहां आदिवासी समाजजनों का जनसैलाब उमड़ा। बस स्टैंड से थाने तक पूरा रोड लोगों के आवागमन से खचा-खच भरा रहा।
आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी मात्रा में लोग भोंगर्या हाट में होली के लिए सामग्री की खरीदी करने पहुंचे। यहां लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाया। वहीं होली की सामग्री की खरीदी की। इस दौरान युवाओं ने झूलों का आनंद लिया। हाट में 10 से ज्यादा छोटे-बड़े झूले लगे थे। इन पर चिलचिलाती धूप में भी युवाओं ने झूलकर आनंद लिया। साथ ही ठंडाई और आईसक्रीम का भी लुत्फ उठाया। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा व यातायात व्यवस्था संभाली। भोंगर्या हाट में विधायक चंद्रभागा किराड़े कार्यकर्ताओं के साथ पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुई। भोंगर्या हाट में नगर सहित आसपास के 20 गांवों के 15 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए। लोगों ने सेंव, मिक्चर, जलेबी, हार, कंगन की खरीदी की। वहीं कई लोग कोरोना वायरस के बचाव के लिए मास्क पहने नजर आए। सुबह 11 बजे से भोंगर्या हाट में भीड़ बढ़ना शुरू हुई। वहीं शाम 5 बजे तक भीड़ बनी रही। भोंगर्या हाट में 200 से ज्यादा ठंडाई, पान, खाद्य सामग्री, खिलौने, किराना सहित अन्य सामग्री की दुकानें लगी। इस दौरान 10 से ज्यादा ढोल की थाप पर युवाओं ने नृत्य किया।
आदिवासी समाजजनों ने खरीदी होली की सामग्री
जुलवानिया | नगर में सोमवार को भोंगर्या हाट लगा। होली के एक सप्ताह पहले से शुरू हुए भोंगर्या हाट के आखिरी दिन आदिवासी समाजजनों ने ढोल की थाप व बांसुरी की धुन पर उत्साह से नृत्य किया। इस दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष वीरेंदसिंह दरबार ने ढोल बजाकर उत्साह वर्धन किया। बस स्टैंड स्थित कांग्रेस कार्यालय से ढोल बजाते और नृत्य करते आदिवासी युवक नगर में निकले। इस दौरान जगह-जगह गुड़ की जलेबी और गुलाल उड़ा। वहीं आदिवासी समाजजनों ने पूजन की सामग्री भुंगड़ा, गुड़, दाली, हार कंगन, खजूर, मीठी सेंव आदि की खरीदी की। युवा पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। वहीं इस बार झूले नहीं लगने से भोंगर्या हाट में युवाओं में उत्साह कम रहा। जानकारी अनुसार 8 साल पहले भोंगर्या हाट के दौरान झूला गिरने की घटना हुई थी। इसके बाद से नगर में लगने वाले भोंगर्या हाट में झूले शामिल नहीं होते हैं।
और इधर... युवाओं ने ढोल की थाप पर किया नृत्य
अंजड़ | नगर में सोमवार को भोंगर्या हाट-बाजार लगा। साल का आखरी भोंगर्या हाट होने से आदिवासी समाजजनों में उल्लास नजर आया। जतरा मैदान पर ढोल पर युवाओं ने नृत्य किया। वहीं भोंगर्या हाट में युवाओं ने झूले झूलकर व ठंडाई पीकर आनंद लिया। यहां आए एक मात्र ढोल पर आदिवासी युवाओं ने कुर्राट भरकर उत्साह से नृत्य किया। समाज की महिलाएं, पुरुष व बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। भोंगर्या के दौरान हाट-बाजार में आवश्यक सामग्री के अलावा जलेबी, भजिये, हार-कंगन, केले, अंगूर, संतरे, शरबती गोला, आईसक्रीम, कुल्फी आदि का आनंद लिया। वहीं युवतियों व महिलाओं ने चूड़ियों व अन्य शृंगार की सामग्री की खरीदारी करती दिखाई दी। भोंगली नदी किनारे झूले, चाकरी, फोटोग्राफी की दुकानों पर भारी भीड़ दिखाई दी। भोंगर्या हाट में बाजार के दिन नगर परिषद ने पेयजल की व्यवस्था की। वहीं पुलिस प्रशासन ने सभी प्रमुख चौराहों और बाजार में सुरक्षा व यातायात व्यवस्था संभाली।
भोंगर्या हाट में शामिल हुए हजारों लोग।