जल्द गठित होगी ब्लाइंड वूमन क्रिकेट टीम
आम क्रिकेट से अलग होता है ब्लाइंड क्रिकेट
सांकेतिक
ब्लाइंड खिलाड़ियों की क्रिकेट टीम तीन कैटेगरी की होती हैं। बी1 में सौ फीसदी ब्लाइंड खिलाड़ी होते हैं। बी2 में तीन मीटर की दूरी तक देखने वाले और बी3 में छह मीटर दूर तक देखने वाले खिलाड़ी शामिल होते हैं। यह क्रिकेट अलग प्रकार की गेंद से खेला जाता है। इस गेंद को वर्ष 1985 में मान्यता दी गई। इसके पहले गेंद में छेद करके कंकर डाले जाते थे।
{देश में डंका बजाने को तैयार हो रही एक और महिला क्रिकेट टीम**
हम भी कर सकते हैं
क्रिकेट के बारे में सुनकर हम रोमांचित हो जाते हैं। हमारी भारतीय महिला क्रिकेट टीम दुनिया की टीमों को हरा रही है तो हम भी यह कर सकते हैं। हम भी क्रिकेट खेलकर देश के लिए कुछ करना चाहते हैं। इसीलिए हमने क्रिकेट को चुना और अब हम मेहनत से तैयारी कर रहे हैं।
प्रिया छाबरा, प्रतीक्षा गौतम,
पिंकी शुक्ला, ब्लाइंड महिला क्रिकेटर
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर फाइनल में उपविजेता रहकर अपनी प्रतिभा का परचम फहराया है। ऐसा ही कमाल मप्र की ब्लाइंड बॉयज क्रिकेट टीम भी कर चुकी है। अगले साल तक प्रदेश की ब्लाइंड महिला क्रिकेट टीम भी तैयार होने के आसार हैं। इसके लिए प्रदेश में प्रतिभावान खिलाड़ियों की तलाश जारी है।**
यह चुनौती भी है
भारत के सात राज्यों में वूमन ब्लाइंड क्रिकेट टीम बन चुकी है। इनमें केरल, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, झारखंड, उड़ीसा और उत्तराखंड शामिल हैं। अब मप्र इस कैटेगेरी का आठवां राज्य होने जा रहा है। इस टीम को बनाने के लिए एसोसिएशन के पदाधिकारी प्रत्येक जिले में संपर्क कर रहे हैं। जिन लड़कियों की इस खेल में दिलचस्पी है, उन्हें भोपाल लाकर प्रशिक्षण दिया जाएगा।