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उत्सव है, डरो ना... 30 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे राजबाड़ा, गले लगे, हाथ भी मिलाए, खूब उड़ाया रंग
कोरोना के डर से भले गेर रद्द हो गई, फाग यात्रा निरस्त करना पड़ी, लेकिन इंदौरियों का जज्बा राजबाड़ा पर देखने को मिला। वायरस, संक्रमण, सर्दी, छींक, हाथ ना मिलाने के खतरे को नजरअंदाज कर लोगों ने जी भरकर रंग उड़ाया। एक-दूसरे पर मुट्ठी भरकर खूब रंग फेंका। कहीं से पिचकारी की धार तो कहीं से सनसनाता आता गुब्बारा पंचमी का रंग जमाता रहा। भीड़ गेर जितनी तो नहीं थी, लेकिन राजबाड़ा का चप्पा-चप्पा बहुरंगी चेहरों से भरा पड़ा था। कहीं पुंगी की तीखी आवाज तो कहीं से हुरियारों की अजीबोगरीब आवाज से राजबाड़ा सतरंगी नजर आया। शहर का ऐसा कोई इलाका नहीं था जहां से लोग कार, दोपहिया पर सवार होकर राजबाड़ा तक नहीं आए हों। रंगे, पुते हाथों से ही चाय की चुस्की, पोहे की फक्की लगती रही। गरमागरम आलूबड़े भी रंगे हाथों से लोग खाते नजर आए। सुबह 10 से शाम 4 बजे तक राजबाड़ा पर रंगों का माहौल बना हुआ था। रंगपंचमी पर निकलने वाली परंपरागत गेर को तो प्रशासन ने निरस्त कर दिया, लेकिन लोगों का हुजूम राजबाड़ा पर लगा रहा। युवाओं-युवतियों की टोलियां और परिवार के लोग राजबाड़ा पहुंचे और यहां जमकर रंग-गुलाल से होली खेली। गेर नहीं होने के बावजूद यहां गेर जैसा माहौल नजर आया। इधर, गेर के आयोजकों ने मल्हारगंज क्षेत्र में फूलों से लोगों का स्वागत किया और रंगपंचमी की शुभकामनाएं दी।
अलग-अलग रंगों और गुलाल से पुते चेहरे... हाथों में पुंगी लिए युवाओं की टोलियां... मोबाइल से सेल्फी लेते दोस्त... छोटे बच्चों को कंधों पर बैठाकर नजारा दिखाने लाए परिवार... मास्क पहनकर ड्यूटी देते पुलिस जवान...यह नजारा था मुख्य राजबाड़ा का। गेर नहीं निकलने का मलाल भी लोगों में था, लेकिन गेर सा माहौल भी था। राजबाड़ा और सराफा के आसपास की गलियों में बने घरों की छतों और खिड़कियों से बच्चे रोड से गुजरने वालों पर पिचकारी से रंग और गुब्बारे फेंक रहे थे। राजबाड़ा के आसपास की गलियों में लगी खाने की दुकानें भी रोशन थीं। दोपहर 12 बजे बाद बड़ी संख्या में लोगों का हुजूम राजबाड़ा पर देखने को मिला। कई युवा ढोलक की थाप पर नाचने लगे। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस टीमें लगातार राजबाड़ा क्षेत्र में नजर रखे हुए थी। वॉच टॉवर पर बैठकर पुलिस के जवान वीडियो कैमरे के माध्यम से पूरे समय रिकॉर्डिंग कर रहे थे। गलियों में भी सुरक्षा के बैरिकेडिंग की गई थी। अलग-अलग स्थानों पर आठ कैमरों से रिकॉर्डिंग की जा रही थी। वहीं छतों पर मौजूद पुलिस जवान दूरबीन की मदद से नीचे चले रही गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे।
राजबाड़ा पर शनिवार दोपहर का नजारा
एक रंग देशभक्ति का भी... गेर नहीं निकली, लेकिन नजारा वैसा ही दिखा
रंगों की पंचमी : इन चेहरों पर कोरोना का खौफ नहीं, लेकिन सचेत रहने का संदेश
सफाई : 300 सफाई मित्रों ने 15 से ज्यादा स्थान दो घंटे में किए चकाचक
सुरक्षा : 1500 जवानों की टीमें तैनात रहीं, आठ कैमरों से हुड़दंगियों पर नजर
शाम चार बजे से नगर निगम का अमला निकला। 300 से ज्यादा कर्मचारी लगे और आठ से 10 मशीनों से सफाई शुरू हुई। शाम छह बजे तक सफाई पूरी कर ली। 15 से ज्यादा छोटी गाड़ियां भरकर गुलाल और कचरा निकला। राजबाड़ा समेत 15 से ज्यादा स्थानों पर सफाई की गई।
डीआईजी रुचिवर्धन मिश्र ने बताया राजबाड़ा इलाका और गेर मार्ग पर 1500 जवानों की टीमें तैनात थी। राजबाड़ा पर वाच टॉवर और अलग-अलग स्थानों पर आठ कैमरों से रिकाॅर्डिंग की जा रही थी। कई स्थानों पर भीड़ जमा हुई तो पुलिस ने कोरोना संक्रमण को लेकर समझाइश दी।
प्रदूषण : रंग और गुलाल का हुआ असर, रंगपंचमी पर एक्यूआई 122 पर पहुंचा
होली और रंगपंचमी पर उड़े गुलाल व अन्य रंगाें से शहर की हवा प्रदूषित हो गई। होली पर प्रदूषण का स्तर (एक्यूआई) 120 था, जो रंगपंचमी पर 122 हो गया। हालांकि इन दोनों दिन शहर में पीएम-10 (हवा में मौजूद वे सूक्ष्म कण जिनसे हमारे फेफड़ों को नुकसान होता है) भी बढ़ा।