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बच्चे घरों में, पालक बने शिक्षक ताकि पढ़ाई रहे जारी

Sehore News - सीहोर | कोरोना वायरस से स्कूल बंद हो गए हैं और जिले के करीब डेढ़ लाख से ज्यादा स्कूली बच्चे घरों में हैं। यह जरूरी भी...

Mar 27, 2020, 08:32 AM IST
सीहोर | कोरोना वायरस से स्कूल बंद हो गए हैं और जिले के करीब डेढ़ लाख से ज्यादा स्कूली बच्चे घरों में हैं। यह जरूरी भी है। ऐसे में उनके हर दिन के छह घंटे पढ़ाई के बर्बाद हो रहे हैं। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि इस समय का कोई उपयोग नहीं हो। अभिभावक ही अपने बच्चे के सबसे करीबी और पहले शिक्षक हैं। दैनिक भास्कर ने शिक्षा से जुड़े कुछ लोगों से बातचीत कर कुछ जरूरी प्वाइंट तैयार किए हैं, जिनकी मदद से आप अपने बच्चों के लिए इस वक्त का सही इस्तेमाल कर सकते हैं अौर वे बोर भी नहीं होंगे।


बच्चों के खेलने और पढ़ने का टाइम टेबल बनाएं : आलोक शर्मा

आवासीय खेलकूद संस्थान के प्राचार्य आलोक शर्मा का कहना है कि अभिभावक अपने बच्चों के लिए घर पर ही पढ़ाई का समय और जगह तय कर लें, ताकि ये शांति के साथ पढ़ सकें। बच्चों के लिए टाइम टेबल बनाएं और उन्हें बताएं कि कब खेलना है और कब क्या करना है। जब आपके बच्चे टीवी देखते हैं या मोबाइल पर खेलते हैं, उस दौरान पूरा ध्यान रखें।

आप उन्हें हर रोज नए शब्द सीखने में मदद कर सकते हैं : अनिल श्रीवास्तव

डीपीसी अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चे को हर दिन कुछ नया सीखने को कहें, जैसे आप उन्हें नए शब्द सिखा सकते हैं। घर में अगर एक से ज्यादा बच्चे हैं तो बड़े बच्चे को छोटे की मदद करने को कहें। बच्चों को उनके दोस्तों के साथ फोन या मैसेज पर बात करवाएं, ताकि वे बोर ने हों। इससे उन्हें अच्छा लगेगा। घर पर बच्चों की पढ़ाई भी होती रहेगी और सभी लोगों को टाइम भी कट जाएगा और वे घर पर बोर भी नहीं होंगे।

बच्चों की तारीफ कर हौसला बढ़ाएं : प्रगति पाण्डेय

राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान की प्रभारी प्रगति पाण्डेय के अनुसार कोरोना वायरस के चलते बच्चे और अभिभावक घर में कैद होकर रहे गए हैं। इसलिए जब भी आपका बच्चा कुछ नया करता है तो उसकी तारीफ करें, डांटे नहीं। घर में रहने की इस स्थिति से तनाव में न आईए बल्कि इस समय को परिवार के साथ बिताकर तनाव दूर करें।

अलग और नए तरीकों से सिखाएं : आरके बांगरे

जिला स्तरीय एक्सीलेंस स्कूल के प्रिंसीपल रविंद्र कुमार बांगरे ने बताया कि जो चीज बच्चों को पसंद हों, उन्हें सिखाएं। नए तरीके अपनाने के लिए कहें। खाली समय में बच्चों को करने के लिए बेहतर चीजें इंटरनेट पर खोजें। एक डायरी बना लें और उसमें बच्चों के लर्निंग ट्रैक की डिटेल भरते रहें। इससे आपको काफी मदद मिलेगी।

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