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छनेरा के सरकारी नाले पर 5 पूर्ण और 9 आंशिक भूखंड बेचने की हुई पुष्टि

एक वर्ष पहले
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अतिक्रमण की कार्रवाई से पहले प्रशासन ने पार्षद की शिकायत व नप के आवेदन पर प्रमुख नालों का सीमांकन कराया था। इस दौरान छनेरा के खसरा नंबर 111 स्थित सरकारी नाले में भूखंडों के क्रय-विक्रय का मामला सामने आया। इस मामले में पटवारी, आरआई, तहसीलदार के जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत हो चुके हैं। इनमें इस नाले की सीमा में 5 भूखंड 100 फीसदी और 9 भूखंड आंशिक रूप से आने की पुष्टि की गई है। जांच प्रतिवेदन के बाद विक्रेता और क्रेताओं में हड़कंप है। एसडीएम सरकारी जमीन पर अप्राधिकृत कब्जा हटाने के निर्देश तहसीलदार को दे चुके हैं।

दिसंबर 2019 के अंत में खसरा नंबर 111 पर नगर परिषद द्वारा वार्ड क्रमांक 9, 10 में पेयजल वितरण की सुविधा की दृष्टि से संपवेल निर्माण के लिए भूमिपूजन कर कार्य शुरू किया गया। इस पर कथित भूमि स्वामी मुकेश पिता मिश्रीलाल जायसवाल ने आपत्ति लेकर काम रुकवा दिया। यही नहीं दबाव डालकर संपवेल का गड्‌ढा भी भरवाया। इस पर पार्षद माखनलाल मालवीय ने कथित भू-स्वामी मुकेश द्वारा सरकारी नाले में भूखंड विक्रय की शिकायत की। नप सीएमओ ने प्रमुख नालों व बस स्टैंड क्षेत्र के सीमांकन के लिए तहसीलदार को विधिवत आवेदन दिया।

फर्जीवाड़ा : खसरा नंबर 111 के इस नाले की जमीन बेची गई

सुविधा की दृष्टि से संपवेल निर्माण के लिए भूमिपूजन कर कार्य शुरू किया।

कब्जाधारकों को हटाया जाएगा

-डॉ. परीक्षित झाड़े, एसडीएम

खरीदारों से समझौते के प्रयास तेज किए

विक्रेता कथित भूमि स्वामी जायसवाल ने खरीदारों से समझौते के प्रयास तेज कर दिए हैं, ताकि एफआईआर की स्थिति से बचा जा सके। समझौते में खरीदारों के सामने खसरा नंबर 114/2 में भूखंड व कुछ सामग्री (ईंट) का प्रस्ताव दिया गया है। क्रेताओं के सामने भूखंड मिलने के बाद मकान बनाने की बड़ी चुनौती होगी। खरीदारों में अभी मंथन का दौर जारी है।

विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग

एसडीएम डॉ. परीक्षित झाड़े ने शिकायत की जांच व सीमांकन के आदेश दिए। तहसीलदार स्वाति मिश्रा, आरआई आरएस सोलंकी व पटवारी अजय मंडलोई ने नपती व जांच कर प्रतिवेदन 5 मार्च को प्रस्तुत किया। इस दौरान भूखंड क्रेताओं ने जनसुनवाई में विक्रेता जायसवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। प्रतिवेदन पर कार्रवाई मार्च के बाद कभी भी की जा सकती है।

खरीदार प्रतिवेदन के आधार पर एफआईआर दर्ज करा सकते हैं


खुलासा : पांच प्लाट पूरी तरह से नाले की जमीन पर

जांच प्रतिवेदन में मकसूद खां पित हयात खां (30x25), मुकेश पिता कमल सिंह (25x12), शहीद खां पिता रफीक खां (20x12), रमेश पिता जागेश्वर तथा इरफान पिता शफी कुरैशी (25x28) के मकान पूर्ण रूप से नाले की जमीन पर बने पाए गए हैं। जबकि रफीक पिता अमीर खां, लीला बाई पति पररसाम, नरेंद्र पिता रमेशचंद्र, रूपचंद पिता धनजी, शमशुद्दीन पिता कलंदर शाह, देवीसिंह पिता जगदीश राजपूत, चांदसी सरल, दगड़ू पिता मनोहर तथा इसहाक पिता अमीर खां के मकान के कुछ भाग सरकारी जमीन पर बने पाए गए हैं।

धोखाधड़ी : 14 लोगों को 3875 वर्गफीट जमीन बेची

विस्थापन के पश्चात पुनर्वास के चलते 15 साल में नगर में 50 से ज्यादा अवैध कॉलोनियां बनाई गईं। अवैध कॉलोनियों पर नगर परिषद और प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं रहा। इसी का नतीजा है कि भू-माफियाओं के हौसले बुलंद होते चले गए। ताजा मामले में कथित भूस्वामी जायसवाल ने 14 लोगों को 3875 वर्गफीट सरकारी जमीन बेच डाली।
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