स्वभाव के विपरीत खेल ऐश्वर्य ने दिलाया टोक्यो टिकट

News - वैसे तो ऐश्वर्य बहुत ही फास्ट शूटर है, जो फटाफट अपना इवेंट खत्म कर लेता है। लेकिन आज मैंने उसे पहली बार संभल-संभलकर...

Nov 11, 2019, 07:16 AM IST
वैसे तो ऐश्वर्य बहुत ही फास्ट शूटर है, जो फटाफट अपना इवेंट खत्म कर लेता है। लेकिन आज मैंने उसे पहली बार संभल-संभलकर निशानेबाजी करते हुए देखा है। कारण- इवेंट के दौरान हवा बहुत ही तेज चलने लगी थी। जैसा कि हमने पहले ही योजना बनाई थी कि यदि हवा नहीं चली तो तेजी से शूट करना है और यदि हवा का बहाव तेज हुआ तो रुक-रुककर सावधानी से हवा को जज करते हुए एक-एक अंक बचाकर शूट करना है। उसने ऐसा ही किया। नीलिंग के पहले हवा बिल्कुल नहीं थी और जैसे ही मैच शुरू हुआ तो तेज हवा चलने लगी। ऐसे में उसने अपना स्वाभाविक खेल बदला। साथ ही उस पर मैच प्रेशर भी था। आमतौर पर कोटा मैच ज्यादा चुनौतीपूर्ण होते हैं, निशानेबाजों पर मानसिक दवाब रहता है। उनसे दूसरों की और खुद की उम्मीदें भी होती हैं। ऐश्वर्य के साथ भी कुछ ऐसा ही था लेकिन उसने बड़ी सूझबूझ से इसे हैंडल किया।

ऐश्वर्य ने नीलिंग और प्रोन पोजिशन में आराम से किफायती निशानेबाजी की और बढ़त हासिल कर ली। फिर स्टैंडिंग पोजिशन में उस बढ़त को बरबरार रखते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। नीलिंग पोजिशन में उसने 392 अंक अर्जित किए। उसके बाद प्रोन पोजिशन में 397 अंक हासिल करते हुए शीर्ष-आठ में अपनी जगह बनाए रखी। उसके बाद फाइनल में पहुंचने के लिए स्टैंडिंग में खुद को टॉप-8 में बनाए रखने की चुनौती थी। जब उसने इस इवेंट से पहले मुझसे बात की तो मैंने बताया कि तुम्हारे पास एक घंटा है, तब जाकर वह रिलैक्स हुआ। इस बीच हवा भी बढ़ गई थी और टाइम भी मैनेज करना था, ऐसे में उसने 40 मिनट में 40 शूट किए और 380 प्वाइंट स्कोर किए। हालांकि वह इससे खुश नहीं था क्योंकि यह उसकी स्ट्रांग पोजिशन है और 400 में 380 अंक उसके स्टैंडर्ड के हिसाब से कम था। उसे कई निशाने 9 प्वाइंटर मिले। यहां उसे नीलिंग और प्रोन की बढ़त का फायदा मिला और फाइनल में स्थान पक्का हो गया।

एक बार फाइनल में आने के बाद तो वह कॉन्फिडेंट हो गया। वह एक स्ट्रांग फाइनलिस्ट है। उसके पिछले एक साल के रिकॉर्ड देखें तो फाइनल में आने के बाद कोई पदक नहीं गंवाया है। उसने फाइनल में 449.1 स्कोर करते हुए कांस्य जीता। इसमें भी टॉप-2 पोजिशन में वर्ल्ड नंबर-2 और वर्ल्ड नंबर-9 पोजिशन के खिलाड़ी थे। आठ खिलाड़ियों के फाइनल में तीन कोटे दांव पर थे और उनमें से तीन खिलाड़ी पहले ही कोटा हासिल कर चुके थे। उसका कॉम्प्टीशन पांच निशानेबाजों से था। ऐसे में दो सीरीज के एलीमिनेटर के बाद उसका कोटा कन्फर्म हो गया।

shooting star

कृष्ण कुमार पाण्डेय . भोपाल

सुमा शिरुर भारतीय रायफल टीम की कोच

‘ऐश्वर्य फास्ट शूटर

हैं, लेकिन तेज हवा

के कारण उन्हें शॉट

रुककर लगाने पड़े’

शूटिंग पोजिशंस

प्रोन

स्टैंडिंग

नीलिंग

X

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