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सागर में हो सकेगी कोरोना की जांच, मशीन इंस्टाल, शासन की ‘हां’ बाकी

Sagar News - हमारी तैयारियां लगभग पूरी, ट्रेनिंग आदि शासन स्तर से होना है बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस की जांच...

Mar 27, 2020, 08:26 AM IST
हमारी तैयारियां लगभग पूरी, ट्रेनिंग आदि शासन स्तर से होना है

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस की जांच हो सकेगी। इसके लिए मशीन भोपाल से होते हुए बीएमसी पहुंच गई है। गुरुवार को इसके इनस्टॉल करने का काम भी पूरा हो गया। इस तरह अब सागर में ही कोरोना वायरस के लिए लिए जाने वाले मरीजों के सैंपल की जांच हो सकेगी। परंतु अब शासन के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही वहां से रजामंदी मिल जाएगी, सागर में ही जांच होने लगेगी। गौरतलब है कि बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के वायरोलॉजी लैब में यह मशीन स्थापित हुई है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों कोरोना वायरस के संदिग्ध होने की आशंका में एक युवक का सैंपल भोपाल भेजा गया था। इसकी जांच रिपोर्ट आने में 2 दिन लग गए। अभी अगले कुछ दिनों में भी जितने भी सैंपल लिए जाएंगे उन्हें जांच के लिए भोपाल ही भेजा जाएगा। उसके बाद जैसे ही बीएमसी में वायरोलॉजी लैब में यह मशीन इंस्टॉल हो जाएगी तो सागर में ही जांचें होने लगेगी। इससे जांच रिपोर्ट मिलने में ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा संभवत उसी दिन रिपोर्ट का रिजल्ट मिल जाएगा।

वर्ष - 2014 से चल रही थी वायरोलॉजी लैब के लिए कवायद, जनवरी 2020 में मिली स्वीकृति


बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में वायरोलॉजी लैब शुरू करने के लिए राज्य शासन की स्वीकृति जनवरी 2020 में मिली थी। हालांकि इसकी कवायद वर्ष 2014 से चल रही थी। इस दिशा में पहली उम्मीद तब बंधी थी जब सितंबर 2018 में केंद्र की टीम ने निरीक्षण किया था। बहरहाल जनवरी 2020 में मिली मंजूरी के बाद इसके बाद करीब 4 करोड़ रुपए की लागत से बीएमसी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में लैब का काम शुरू हुआ। लैब के लिए केंद्र से स्वीकृति और राशि मिलने के बाद करीब 8 माह तक लैब का मामला राज्य शासन की प्रशासनिक अनुमति में अटका रहा था। परन्तु दिसंबर 2019 में डीएमई द्वारा पत्र में पूछा गया कि वायरोलॉजी लैब से क्या फायदा होगा और तीन साल तक केंद्र लैब चलाएगा, लेकिन इसके बाद लैब के संचालन के लिए फंड कहां से आएगा। इन दोनों ही सवालों के जवाब डीन डॉ. जीएस पटेल ने दे दिए। जिसमें पहले सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वायरोलॉजी लैब में स्वाइन फ्लू और हेपेटाइटिस जैसी 27 वायरल बीमारियों की जांच होगी और बुंदेलखंड के अस्पतालों को एक दिन में मिलेगी रिपोर्ट मिल सकेगी। जबकि वर्तमान में जबलपुर से रिपोर्ट आने में 3 दिन लग जाते हैं। वहीं दूसरे सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था कि सागर के अलावा भोपाल और इंदौर के मेडिकल कॉलेज वायरोलॉजी लैब का संचालन कर रहे हैं।

छोटी बीमारियों के इलाज का परामर्श मरीज को मोबाइल पर दें: कलेक्टर

सागर | कोरोना वायरस के संक्रमण से रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण के लिए स्मार्ट सिटी कार्यालय में कलेक्टर प्रीति मैथिल नायक की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें जिले के निजी अस्पतालों के डॉक्टर और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। कलेक्टर ने कहा कि इस महामारी की रोकथाम-नियंत्रण में आप सभी डाॅक्टर्स अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं और प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने प्राइवेट अस्पताल के डाॅक्टर्स को बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण से रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए बीएमसी को कोर सेंटर बनाया गया है। यदि आगे आवश्यकता होगी तो प्राइवेट हाॅस्पिटल की सुविधाओं का उपयोग किया जाएगा। बीएमसी की ओपीडी में रोज लगभग 1600 मरीज आते हैं। जिन्हे आप सभी के सहयोग से हैंडिल किया जाए, क्योंकि बीएमसी की तात्कालिक सेवाएं कोरोना कक रोकथाम/नियंत्रण के लिए हैं। जिन मरीजों को (गरीब अथवा अमीर) को छोटी-मोटी बीमारी है, उन्हें फोन/व्हाट्सएप के द्वारा इलाज मुहैया कराएं ताकि लोगों को इलाज के नाम पर इधर-उधर घूमने से रोका जा सके। केवल सीरियस केस ही हाॅस्पिटल पहुचें, यह डाॅक्टर्स सुनिश्चित करें। इसकी माॅनिटरिंग के लिए डाॅ. नीना गिडियन को नोडल अधिकारी बनाया।

अपर कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ इक्षित गढ़पाले ने बताया कि अभी भारत कोरोना वायरस के संक्रमण की सेकंड स्टेज में है। थर्ड स्टेज में और ज्यादा फैलने से रोकने के लिए पूरे भारत में 21 दिन का लाॅकडाउन किया गया है। इस महामारी से रोकथम एवं इलाज के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, इसके लिए सागरश्री हाॅस्पिटल में वेंटीलेटर कार्यप्रणाली की ट्रेनिंग 20-20 के बैच में कर्मचारियों को दी जाएगी। नोवल कोरोना वायरस कंट्रोल रूम में तीन डाॅक्टरों की टीम उपस्थित रहेगी।

बैठक में भोपाल से आये डाॅ. संतोष जैन अपर-संचालक ने बताया कि बचाव ही इस महामारी को रोकने का तरीका है।

à मशीन वायरोलॉजी लैब में इंस्टॉल हो गई है। भारत शासन के जो भी रूल है उसी के तहत इसका संचालन होना है। अभी हम शासन के निर्देश का ही इंतजार कर रहे हैं। उनकी तरफ पूछा गया था कि मशीन इंस्टॉल हो गई क्या, इस पर हमने उन्हें बताया कि हां हो गई है। अभी कुछ स्टाफ को ट्रेनिंग के लिए भी भेजना है। - डॉ. जीएस पटेल, डीन, बीएमसी

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